जगदलपुर। भाजपा पार्षद दल ने नगर निगम पर डस्टबिन खरीदी में आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाया है। महापौर और आयुक्त को शिकायत कर आरोप लगाने से पहले नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे और चार अन्य पार्षद डस्टबिन की जांच करने वजन मशीन और अन्य जरूरी उपकरण लेकर पहुंचे थे।

भाजपा पार्षदों को सोमवार को जानकारी मिली थी कि निगम द्वारा खरीदे गए 522 डस्टबिन की खेप जगदलपुर पहुंच गई है और निगम प्रशासन द्वारा सामग्री शहीद पार्क के पास वीर सावरकर भवन में रखी गई है। इस बात की भनक लगते ही नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे, पार्षद राजपाल कसेर, नरसिंह राव, निर्मल प्रसाद पानीग्राही और तेजपाल शर्मा दोपहर में ही सावरकर भवन पहुंच गए।

ये लोग अपने साथ वजन मशीन, वर्नियर केलीपर्स आदि कई उपकरण लेकर गए थे। डस्टबिन के चद्दर की मोटाई, वजन आदि नाप जोख करने के बाद सभी नेता शाम होने के पहले ही निगम दफ्तर पहुंच गए। वहां जाकर इन्होंने संयुक्त रूप से महापौर और आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपकर जांच कराने की मांग की।

संजय पांडे ने नईदुनिया से चर्चा में दावा किया कि डस्टबिन की जांच के पहले उन्होंने क्रय आदेश में जारी तकनीकी मापदंड की जानकारी से संबंधी दस्तावेज हासिल कर लिए थे। सामग्री की गुणवत्ता और मापदंड निर्धारित तय शर्तो के अनुसार नहीं पाया गया है। इस मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता बरतने का संदेह गहरा गया है। इसकी जांच होना चाहिए। बताया गया कि नगर निगम द्वारा सात हजार रूपये प्रति नग की दर से 522 नग डस्टबिन करीब 36 लाख रुपये में खरीदे गए हैं।

सप्लायर द्वारा 15 दिनों पहले ही डस्टबिन की आपूर्ति कर दी गई थी जिसे निगम प्रशासन द्वारा सावरकर भवन में रखा गया है। अभी तक सामग्री की गुणवत्ता की जांच भी नहीं कराई गई है। यदि कराई भी गई है तो खराब गुणवत्ता की पोल खुलने के भय से सामान को निगम दफ्तर से दूर भंडारित किया गया है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद डस्टबिन शहर के विभिन्ना क्षेत्रों में रखने की योजना बनाई गई थी लेकिन भाजपा बिना जांच के ऐसा नही करने देगी। शिकायत पत्र में खरीदी निरस्त करने की मांग भी की गई है।

किसी मानक पर खरे नहीं डस्टबिन

भाजपा पार्षद दल के दावे के अनुसार डस्टबिन की क्षमता 140 लीटर के स्थान पर 130 लीटर पाई गई है। इसकी वजन क्षमता भी 130 लीटर है। चद्दर की मोटाई निर्धारित से कम है तथा स्टेंड का वजन भी 14 किलो होना चाहिए लेकिन नौ किलो ही पाया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डस्टबिन में धूलरहित पाइप लगाने की शर्त थी जहां साधारण पाइप की आपूर्ति की गई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के पैसे की बंदरबांट की जा रही है। इसके पहले निगम द्वारा करीब 74 लाख रुपये में वीड हार्वेस्टिंग मशीन खरीदी गई थी जो पुराने कलपुर्जो से तैयार की गई है। इस मामले की शिकायत पर भी अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। निगम की एमआइसी द्वारा चुपचाप डस्टबिन खरीदी का निर्णय लेकर आदेश जारी कर दिया गया था पर अब बिना जांच के डस्टबिन को लगाने नहीं दिया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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