जगदलपुर। चुनाव निपटाने बस्तर में अर्द्धसैन्य बलों की 160 कंपनियां अर्थात करीब 16 हजार से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे। शहर में ही शांति व्यवस्था के लिहाज से 80 कंपनी तैनात की जाएगी।

इसके अलावा जिला बल, डीआरजी तथा रिजर्व फोर्स भी तैनात रहेगी। सोमवार दोपहर स्थानीय पुलिस कोआर्डीनेशन सेंटर में डीजीपी एएन उपाध्याय ने पुलिस एवं अर्द्धसैन्य बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में सुरक्षा समेत नक्सल हमलों के षड्यंत्र नाकाम करने की नीति बनाई गई।


देखते ही गोली मारने के आदेश

चुनाव में हिंसक कृत्य करने वाले तत्वों व नक्सलियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। वहीं सभी मतदान केंद्रों में आधुनिक हथियार से लैस जवानों को तैनाती से पूर्व बोली-भाषा संबंधी औपचारिक प्रशिक्षण भी दिया गया है। शहरी क्षेत्र में भी यह आदेश प्रभावशील होगा।


अर्द्धसैनिक बलों की 42 कंपनियां लगेंगी चुनाव में

कोण्डागांव। पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुजूर ने बताया कि जिले में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से निर्वाचन संपन्न् कराये जाने हेतु राज्य पुलिस बल के अलावा अर्द्धसैनिक बलों की 34 कंपनियों तैनात की जा चुकी है। इसके अलावा 08 अतिरिक्त कंपनियां 31 अक्टूबर तक जिले में पहुंच जायेंगीं। इसके साथ ही उन्होने जोनल अधिकारियों तथा निर्वाचन से जुडे अन्य अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए समन्वय स्थापित कर निर्वाचन कार्य को सम्पादित करने पर बल दिया।


नारायणपुर में चुनाव कराएंगी 60 कंपनियां

जिले में पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होगा। सुरक्षा व्यवस्था चौकसी के लिए सुरक्षा बल की लगभग 60 कंपनियां अगले हफ्ते तक आ जाएंगी।


नक्सल इलाकों के लिए फोर्स की रवानगी शुरू


चुनाव पूर्व बस्तर में केंद्रीय सुरक्षा बलों सीआरपीएफ, आइटीबीपी, बीएसएफ की टुकड़ियों की नक्सल इलाकों में रवानगी शुरू हो चुकी है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा लालबाग में वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। पहले चरण में करीब 49 यात्री बसांे का अधिग्रहण किया गया। साथ ही बीजापुर, दंतेवाड़ा व सुकमा जिलों के संवेदशील क्षेत्रों में अर्द्धसैन्य बलों की इकाइयों को भेजा गया है। यह क्रम जारी रहेगा।

बता दें कि बस्तर में शांतिपूर्ण चुनाव के लिहाज से अंयत्र राज्यों से बुलवाए गए अर्द्धसैन्य बलों के करीब 19 हजार 200 जवान तैनात होंगे। इसके अलावा पूर्व में मौजूद कोबरा, सीआरपीएफ व लोकल फोर्स के जवान भी मोचे पर होंगे। शहरी क्षेत्र में ही पैरामिलिट्री के 10 हजार जवान सुरक्षा की बागडोर संभालेंगे। चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ अथवा निर्वाचन से जुड़े कार्रवाई में बाधा पहुंचाने वाले किसी भी तत्वों को देखते ही शूट आउट करने के आदेश दिए गए हैं।

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