जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ में महिला फुटबाल में धाक जमाने वाली बस्तर की खिलाड़ी इस बार अपने प्रदेश का नेतृत्व करते हुए असम में धूम मचा रही हैं। असम के गुवाहाटी में खेली जा रही हीरो जूनियर (अंडर-17) राष्ट्रीय महिला फुटबाल स्पर्धा में छत्तीसगढ़ ने अभी तक दो मैच खेले हैं। इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में 21 जून को मिजोरम के साथ पहले मैच में छत्तीसगढ़ का मुकाबला एक-एक गोल से बराबरी पर रहा। छत्तीसगढ़ के लिए मैच का इकलौता गोल माता रूक्मणी सेवा संस्थान डिमरापाल की पायल कवासी ने किया।

23 जून को अपने दूसरे मुकाबल में छत्तीसगढ़ ने उत्तरप्रदेश को तीन शून्य से हरा दिया। टीम के लिए तीनों गोल बस्तर की खिलाड़ियों ने किए। दो गोल माता माता रूक्मणी सेवा संस्थान डिमरापाल की रीपिका कोर्राम ने और एक गोल बीजापुर की बिंदु तेलम ने किया। छत्तीसगढ़ को ग्रुप-बी में मिजोरम, उत्तरप्रदेश और कर्नाटक के साथ रखा गया है।

छत्तीसगढ़ की टीम अपने ग्रुप में अपना आखिरी मैच 25 जून को कर्नाटक के साथ खेलेगी। स्पर्धा में देश राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को मिलाकर 32 टीमों को आठ ग्रुप में रखा गया है। ग्रुप की विजेता टीमें अगले दौर में प्रवेश करेंगी। स्पर्धा का फायनल चार जुलाई को खेला जाएगा। छत्तीसगढ़ की टीम की ग्रुप में क्या स्थिति रहेगी इसकी तस्वीर कर्नाटक के साथ मैच के बाद साफ होगी।

माता रूक्मणी की सात बीजापुर की चार खिलाड़ी

छत्तीसगढ़ की 20 सदस्यीय टीम स्पर्धा में भाग लेने गई है। टीम के 11 खिलाड़ी बस्तर संभाग के हैं। इनमें पिछले दो साल से छत्तीसगढ़ महिला लीग की चैम्पियन, माता रूक्मणी महिला फुटबाल क्लब डिमरापाल (बस्तर) की सात और फुटबाल एकेडमी बीजापुर की चार खिलाड़ी हैं।

डिमरापाल की रीपिका कोर्राम, पिंकी कश्यप, पायल कवासी, अर्पिता पुंगति, मीना कश्यप, गीता कश्यप और ईश्वरी नायक तथा फुटबाल एकेडमी बीजापुर की बिंदु तेलम, त्योति, ईशा और पिंकी प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के लिए अभी तक खेले गए दो मैच में किए गए चारों गोल बस्तर और बीजापुर की खिलाड़ियों ने किए हैं। टीम की प्रबंधक बुनानी सेनगुप्ता डिमरापाल टीम की भी प्रबंधक हैं।

भुवनेश्वर में भी किया था प्रभावित

पिछले दिनों ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में खेली गई हीरो इंडियन विमेंस फुटबाल लीग स्पर्धा में छत्तीसगढ़ की लीग चैम्पियन माता रूक्मणी महिला फुटबाल क्लब डिमरापाल ने किया था। इस स्पर्धा में टीम एक मैच ही जीत सकी थी लेकिन पहली बार राष्ट्रीय स्तर की बड़ी स्पर्धा में भाग लेकर अच्छे खेल से बस्तर की लड़कियों ने प्रभावित किया था।

Posted By: Pramod Sahu

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