जगदलपुर (नईदुनिया न्यूज)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरविंद नेताम ने आलू-प्याज की बढ़ती कीमतोें के लिए केेंद्र सरकार द्वारा हाल ही कृषि क्षेत्र के लिए बनाए गए नए कानूनों को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को आदिवासी विश्राम भवन में कुछ पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि मौसम और मांग तथा आपूर्ति कृषि उत्पादों की कीमतों पर प्रभाव डालती हैं लेकिन यह स्थाई नहीं होता है। नए कानूनों के लागू होने के बाद कृषि उत्पादों की जमाखोरी बढ़ी है। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश को आलू-प्याज की कीमतों में बढ़ोत्तरी का कारण बताया जा रहा है पर यह पूरी तरह से सही नहीं है। कृषि उत्पादों की कीमत तय करने का अधिकार व्यापारियों को मिल गया है। किसानों को नए कानूनों से कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में गेंहू का समर्थन मूल्य 1800 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है पर नए कृषि कानूनों के आने के बाद वहां गेंहू खुले बाजार में व्यापारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे 1100 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। नेताम ने कहा कि अभी तो कानून लागू हुए कुछ ही दिन हुए हैं, आगे इसके दुष्परिणाम व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकते हैं। कृषि कानून किसानों से अधिक पूंजीपतियों के लिए फायदा पहुंचाने वाला है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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