जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोतवाली व दरभा थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एवं सिम बंद होने की बात कहकर दुबारा चालू करने के लिए वेरिफिकेशन के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपितों को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से तीन लैपटाप, 18 मोबाइल, एक टैब, नौ एटीएम कार्ड, 38 सिम कार्ड तथा अन्य कागजात बरामद किया है।

मामले की जानकारी देते हुए सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि पहले प्रकरण में जून माह में पीड़ित गणेश राम कश्यप निवासी पाथरी ने कलेक्टर कार्यालय जगदलपुर में सहायक ग्रेड 03 के पद के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। अभ्यर्थी को अज्ञात आरोपित ने मोबाइल से से अपने आप को जिला कलेक्टर कार्यालय जगदलपुर का स्टाफ बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 20 हजार रुपये की मांग कर राशि अपने खाते में डलवा ली।

इसके बाद गणेश को फर्जी नियुक्ति आदेश बनाकर थमा दिया था। ठगी के संबंध में गणेश राम कश्यप की रिपोर्ट पर संबंधित कालर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। इस दौरान आरोपति के बैंक खाते की तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार में संदेही के उपस्थिति की जानकारी मिलने पर निरीक्षक किशोर केंवट, दिनेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नालंदा में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़ा।

उसकी शिनाख्त चंदन कुमार निवासी निवासी उगावां थाना आस्थावां जिला नालंदा (बिहार) रूप में की गई। पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध कबूल किया। उसके कब्जे से नतद राशि एक लाख 40 हजार रुपये, डेबिट कार्ड आठ, भर्ती एवं नियुक्ति से संबधित आवश्यक दस्तावेज मोबाइल, लैपटाप व अन्य दस्तावेज बरामद किया है।

ऐसे दिया जुर्म को अंजाम

मामले में पड़ताल के दौरान स्पष्ट हुआ कि आरोपित चंदन कुमार के द्वारा गुगल सर्च इंजन पर छत्तीसगढ़ रिक्वायरमेंट" की साइट पर जाकर रिक्रूटमेंट जिसमें छत्तीसगढ शासन एवं अलग-अलग जिलों के शासकीय नौकरी के विज्ञापन एवं अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी रहती थी। वहां से आवेदक की जानकारी लेकर दिए हुए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर संबंधित अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी दिलाने और चयनित होने का झांसा देकर अपने खाते में रुपये डलवाया करता था।

इसी प्रकार दूसरे मामले में बीते मार्च में प्रकाश पांडेय उप निरीक्षक सीआरपीएफ कामानार कैंप को अज्ञात आरोपित ने मोबाइल से काल करके उसका जियो सिम बंद होने की बात कहते हुए सिम को दुबारा एक्टीवेट करने के लिए वेरिफिकेशन के नाम पर अपने मोबाइल पर क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड करने बोला था। जब पीिड़त के द्वारा क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड किया गया। मोबाइल बैकिंग के माध्यम से 10 रुपये का रीचार्ज करने बोला गया। रिचार्ज करने के तत्काल बाद प्रार्थी के खाते से अलग-अगल किश्तों में कुल छह लाख 40 हजार रुपये आरोपियांे द्वारा राशि आहरित कर ठगी कर ली गई।

प्रकाश पाण्डेय के रिपोर्ट पर थाना दरभा में अज्ञात आरोपित के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले में आरोपितों के बैंक खातों का जांच के आधार पर पुलिस टीम ने बिहार के नालंदा जिले से संदेह के आधार पर दो व्यक्तियो को पकड़ा था। उनकी शिनाख्त नीरज कुमार एवं चंद्रकांत कुमार दोनांे निवासी जिला नालंदा बिहार के रूप में हुई। उसके कब्जे से लैपटाप, टैबलेट, मोबाइल समेत नकद एक लाख 49 हजार रुपये बरामद किया गया।

Posted By: Pramod Sahu

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