विनोद सिंह, जगदलपुर (नईदुनिया)। Bodhghat project दंतेवाड़ा जिले के बारसूर में इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के शुरू होने की सुगबुगाहट के बीच नक्सली भी विरोध की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। पिछले एक माह में मुठभेड़ों के दौरान घायल हालत में गिरफ्तार और आत्मसमर्पित नक्सलियों से पुलिस को इसी तरह का इनपुट मिल रहा है। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट भी बता रही है कि नक्सलियों के केंद्रीय संगठन की नजर परियोजना पर है। इस खबर के बाद सरकार और प्रशासन दोनों चौकन्ना हो गए हैं।

इंद्रावती नदी पर वर्ष 1982 से बंद पड़ी इस परियोजना को 38 साल बाद फिर शुरू करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। इसमें सिंचाई को ज्यादा फोकस किया गया है। हालांकि सिंचाई के साथ जलविद्युत उत्पादन का भी लक्ष्य रखा गया है। तीन जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर में विस्तारित परियोजना को लेकर इन जिलों के कलेक्टर-एसपी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर भ्रम दूर करने में जुटे हैं।

वर्ष 1979 में जब इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी, उस समय बस्तर में नक्सलियों का प्रभाव नहीं था। वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत वन एवं पर्यावरण की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण परियोजना को रोकना पड़ा था। इस बार वन एवं पर्यावरण का अड़ंगा नहीं है लेकिन नक्सलियों की तरफ से विरोध को हवा देने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार नक्सलियों की बारसूर में बोधघाट परियोजना स्थल से सटे अबूझमाड़ में एक बैठक हो चुकी है। दंतेवाड़ा जिले का बारसूर क्षेत्र जहां परियोजना प्रस्तावित है, उस इलाके के साथ परियोजना स्थल से लगा क्षेत्र नारायणपुर का अबूझमाड़, बीजापुर और बस्तर जिले का इलाका भी नक्सली गढ़ माना जाता है। सरकार की चिंता भी परियोजना के नक्सली प्रभाव वाले क्षेत्र में होने से ज्यादा है। बता दें कि दंतेवाड़ा जिले के धुरली में एस्सार स्टील, लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में टाटा स्टील के इस्पात संयंत्रों की स्थापना के प्रस्ताव का नक्सलियों ने भी जमकर विरोध किया था।

पुनर्वास व विस्थापन का दिखा रहे डर

बोधघाट परियोजना से 42 बसाहट क्षेत्र और 13 हजार 783 हेक्टेयर जमीन डुबान में आएगी। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिले इनपुट पर विश्वास करें तो नक्सलियों द्वारा परियोजना के विरोध के लिए डुबान प्रभावित क्षेत्र के लोगों को विस्थापन का भय दिखाया जा रहा है। इस परियोजना से बस्तर के 359 गांवों को फायदा होगा।

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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