Chhattisgarh News : तिरिया से लौटकर रीतेश पांडेय (नईदुनिया जगदलपुर)। एक साल पूर्व नगरनार थाना क्षेत्र के माचकोट में डीआरजी व ओडिशा कैडर के नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए थे। मुठभेड़ के बाद पुलिस पास के एक मकान में छिपी महिला नक्सली को खोजने पहुंची। इस दौरान एक 16 वर्षीय स्कूली छात्र जोगीराम नाग क्रॉस फायरिंग में मारा गया था।

बकौल जोगी के परिजन उसे पुलिस चारा बनाकर दरवाजा खुलवाने ले गई थी। घटना के बाद परिवार को पांच लाख का चेक दिया गया पर आज तक उसके पिता को आजीविका के लिए नौकरी नहीं दी गई है। घटना के दस दिनों बाद पुलिस ने यह तो स्वीकारा कि घटना में एक नागरिक मारा गया पर यह नहीं बताया गया कि मारा गया व्यक्ति नाबालिग स्कूली छात्र था।

बीतेे 27 जुलाई 2019 को डीआरजी की टुकड़ियां माचकोट वन परिक्षेत्र की ओर सर्च आपरेशन पर निकली थी। इस दौरान सुरक्षा बल को सूचना मिली कि सीमावर्ती ओडिशा की ओर से काफी संख्या में नक्सली जंगल के रास्ते आ रहे हैं। मौके पर दरभा और नगरनार थाने से अतिरिक्त फोर्स बुलवाया गया और इलाके की घेराबंदी की गई।

ग्राम तिरिया के पास गणेश बहार नाला व खोलाब के संगम के पास नक्सलियों और पुलिस की बीच मुठभेड़ हुई। घटना में छह नक्सली मारे गए। साथ ही एक नग इंसास, चार नग थ्री नॉट थ्री रायफल व विस्फोटक सामग्री भी बरामद किया गया।

ग्राम तिरिया पहुंची नईदुनिया की टीम को ग्रामीणों व मृतक छात्र के मामा दियारी नाग ने बताया कि मुठभेड़ के बाद कुछ नक्सली बस्ती की ओर भागे इस बीच नाले से करीब 500 मीटर दूरी पर स्थित डोंगरीपारा के एक मकान में घायल महिला नक्सली आ छिपी थी। पुलिस नक्सलियों की घेरेबंदी करते हुए उस मकान के बाजू में स्थित दियारी राम के मकान में पहुंची। उस वक्त दियारी व उसकी मां खेत गए हुए थे। घर में उसकी पत्नी और कक्षा 10वीं में पढने वाला उसका भांजा जोगी राम नाग मौजूद थे।

पुलिस ने उनके घर की तलाशी ली फिर जोगी राम को लेकर सामने के मकान में पहुंची और ताला खुलवाने कहा। उस वक्त मकान के सामने एक बुजुर्ग महिला थी। जोगीराम ने जैसे ही ताला खुलवाया। महिला नक्सली और पुलिस के बीच हुई फायरिंग में जोगीराम मारा गया। मृतक के मामा दियारी के अनुसार घटना के बाद मृतक छात्र के पिता को एसपी बस्तर ने पांच लाख का चेक सौंपा था। उसके पिता को नौकरी दिए जाने का वायदा भी किया गया था पर आज तक उसे नौकरी नहीं मिल सकी है।

घटना के 10 दिन बाद किया खुलासा

पुलिस घटना के बाद सात शव लेकर मुख्यालय पहुंची। पहले तो सात नक्सलियों को मारने का दावा किया गया। फिर परिजनों द्वारा इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को की गई। घटना के 10 दिन बाद पुलिस ने यह खुलासा किया कि एक नागरिक क्रास फायरिंग में मारा गया है। उसे मुआवजा देने तथा उसके परिवार के सदस्य को नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की बात भी कही गई। पुलिस ने आज पर्यन्त घटना में मारे गए मृतक जोगी के स्कूली छात्र होने तथा नाबालिग होने का तथ्य उजागर नहीं किया।

शव सुपुर्दनामे व स्कूली रिकार्ड में विरोधाभास

पुलिस द्वारा शव के पीएम उपरांत परिजनों को दिए गए सुपुर्दनामे में मुठभेड़ में सुखराम नाग के पुत्र की मौत होने की बात का जिक्र किया गया है। वहीं उसकी आयु 22 वर्ष बताई गई है जबकि इसके उलट हाईस्कूल तिरिया केरिकार्ड में जोगी की जन्म तिथि पांच अक्टूबर 2004 दर्शित है। दाखिल खारिज पंजी क्रमांक 53 के अनुसार दो सितम्बर 2018 को जोगी का दाखिला कक्षा नवीं में हुआ था। उसके शिक्षकों के अनुसार जोगी होनहार बालक था। घटना दिवस के दिन तक उसकी आयु करीब 16 साल थी।

नौकरी देने की प्रक्रिया चल रही

नक्सल हिंसा में मारे गए व्यक्ति के परिजन को नौकरी दिए जाने का प्रावधान है। मृतक का पिता शिक्षित नहीं है इसलिए नियमों को शिथिल करने तथा उसे रोजगार देने की प्रक्रिया चल रही है। परिवार को पांच लाख का मुआवजा भी दिया गया है।

सुंदरराज पी आईजी बस्तर

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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