सुकमा। Chhattisgarh News : बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान अगवा जवान राकेश्वर मन्हास चार दिन बाद भी नक्सलियों के कब्जे में है। बुधवार को नक्सलियों ने उसकी तस्वीर जारी की पर रिहा नहीं किया। नक्सलियों ने पर्चा जारी कर कहा है कि सरकार जवान को छुड़ाने की लिए मध्यस्थ की नियुक्ति करे, हालांकि सरकार की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गई है। जवान के परिजन परेशान हैं और बस्तर आकर मीडिया व सामाजिक संगठनों से पहल की अपील कर रहे हैं। तस्वीर जारी होने के बाद राकेश्वर के भाई रंजीत ने कहा कि ऐसी तस्वीर उनके मोबाइल में पहले से थी।

उन्होंने नक्सलियों से अपील की है कि कोई वीडियो या आडियो जारी करें ताकि उन्हें यकीन हो जाए कि राकेश्वर सुरक्षित हैं। ज्ञात हो कि नक्सलियों ने कुछ पत्रकारों को जवान की फोटो भेजकर कहा था कि वह सुरक्षित है। नईदुनिया ने तस्वीर जवान के भाई रंजीत को भेजी थी। रंजीत ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द मध्यस्थ नियुक्त कर उनके भाई को छुड़ाए। इस बीच जवान की रिहाई के लिए बस्तर में अलग-अलग संगठनों ने मुहिम शुरू की है। सुकमा में युवाओं ने रिहाई के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया है। जगदलपुर में भी बस्तर बैक बेंचर्स नाम के संगठन ने हस्ताक्षर अभियान चलाया है।

सूत्र बता रहे हैं कि नक्सलियों ने जवान को मुठभेड़ स्थल से सटे तुम्मालपाड़ व पुवर्ती गांव के आसपास कहीं रखा है। यह इलाका बेहद दुर्गम है। यहां आपरेशन चलाकर जवान को रिहा कराना कठिन काम है। आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि जवान की पतासाजी की जा रही है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, इलाके के प्रभावशाली आदिवासी नेताओं, मीडिया सभी की मदद ली जा रही है। ज्ञात हो कि शनिवार को टेकलगुड़ा में मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन का जवान राकेश्वर सिंह नक्सलियों से घिर गया था। उसके पास गोलियां भी खत्म हो चुकी थीं। नक्सलियों ने उससे सरेंडर करने को कहा तो उसने हाथ उठाकर सरेंडर कर दिया था।

सोनी सोरी जंगल में घुसीं

आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी जवान की रिहाई के लिए दंतेवाड़ा के रास्ते जगरगुंडा के जंगलों में घुसी हैं। उनके साथ जवान की रिहाई की मुहिम में कई कार्यकर्ता व पत्रकार शामिल हैं। सोनी सोरी ने मीडिया से कहा कि सरकार कब मध्यस्थ नियुक्त करेगी पता नहीं। यह जवान की जिंदगी का सवाल है। हम सरकार की पहल के इंतजार में नहीं बैठ सकते। केंद्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों की बात की पर जो जीवित है उसके बारे में एक शब्द नहीं कहा है। हम अपनी ओर से बंधक जवान की रिहाई का प्रयास जारी रखेंगे।

Posted By: Ravindra Thengdi

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