Chhattisgarh News : नईदुनिया, दंतेवाड़ा। पांच लाख की इनामी महिला नक्सली दशमी ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उधर, दंतेवाड़ा में हिरोली गांव के 11 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए। इस बीच, पुलिस ने नीलावाया से एक लाख रुपये के इनामी नक्सली को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

जगदलपुर में दरभा डिवीजन कमेटी के अंतर्गत कटेकल्याण एरिया कमेटी सदस्य व चेतना नाट्य मंडली अध्यक्ष दशमी ने आत्मसमर्पण किया। सीआरपीएफ दफ्तर में सुबह आइजी बस्तर सुंदरराज पी, एसपी दीपक कुमार झा, सीओ 80 बटालियन सीआरपीएफ अमिताभ कुमार ने उसे मीडिया के समक्ष पेश किया। दशमी वर्ष 2012 से 2020 तक 13 वारदातों में शामिल रही। कोलेंग के पूर्व जनपद सदस्य पांडुराम की हत्या में उसकी अहम भूमिका थी। दशमी का बड़ा भाई लक्ष्मण माचकोट एलओएस कमांडर है।

उधर दंतेवाड़ा में बुधवार को किरंदुल थाने में 11 नक्सली सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया। ये वर्ष 2014 में पुलिस के बोलेरो वाहन को विस्फोट में उड़ाने के साथ 2016 में मदाड़ी के भीमाराम कड़ती अपहरण, लूटपाट और 2017 में मलांगिर पंप हाउस और वाहन में आगजनी की घटना में शामिल थे। इनमें जोगा कुंजाम, कोसा मड़काम, सोमारू माड़वी, बीडू तामो, हुंगा कुंजाम, सुरेश कुंजाम, बोड्डा बोसे, कोसा माड़वी, कमलू माड़वी, पंडरू उर्फ मोटू तामो, कड़ती दुग्गे शामिल हैं। दंतेवाड़ा में ही अरनपुर थाना पुलिस ने ग्राम नीलावाया-गोरेपारा में दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ अध्यक्ष भीमे कोर्राम (35) पुत्र हड़मा उर्फ जोगा को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

दशमी पांच लाख की इनामी है। उसके विरूद्ध हत्या समेत कई संगीन आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि दशमी पिता सोमडू 12-13 वर्ष की उम्र से ही नक्सलियों के बहकावे में आकर संगठन में भर्ती हो गई थी।

प्रारंभ में वह नक्सलियों की सांस्कृतिक इकाई चेतना नाट्य मंडली से जुड़ी रही। वर्ष 2011 से वर्ष 2016 तक वह सदस्य के रूप में कार्यरत रही। माओवादियों ने चेतना नाट्य मंडली के अतिरिक्त उसे वर्ष 2017 में दरभा डिविजनल कमेटी के अंतर्गत कटेकल्याण एरिया कमेटी का सदस्य बनाया।

इस पद पर दशमी अब तक सक्रिय थी। नक्सलियों द्वारा विचारधारा से हटकर किए जा रहे जघन्य अपराधों, विकास विरोधी नीति व अपने ही लोगों की नृशंस हत्या से वह संगठन से खिन्न हो गई थी। कम्युनिटी पुलिसिंग आमचो बस्तर, आमचो पुलिस कार्यक्रमों के दौरान शासन की पुनर्वास नीति की जानकारी लगने पर उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय किया। आइजी की ओर से समर्पित नक्सली को प्रोत्साहन राशि 10 हजार रूपये प्रदान किया गया।

13 वारदातों में रही शामिल

नक्सल संगठन में रहते हुए वर्ष 2012 से 2020 तक दशमी बस्तर जिले में आठ एवं दंतेवाड़ा में पांच, इस प्रकार कुल 13 नक्सल वारदातों में शामिल रही है। कोलेंग के सक्रिय पूर्व जनपद सदस्य पांडुराम की हत्या में दशमी की अहम भूमिका थी। इसके अलावा आइइडी विस्फोट, मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या व फोर्स पर हमला आदि घटनाओं में भी वह संलिप्त रही है। दशमी का बड़ा भाई लक्ष्मण माचकोट एलओएस कमांडर है। उसने लक्ष्मण से भी हिंसा त्यागकर सरेंडर करने की अपील की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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