रायपुर, नईदुनिया, राज्य ब्यूरोचित्रकोट विधानसभा सीट का उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर, कांग्रेस अपनी इस सीट को वापस हथिया लेती है, तो पूरा बस्तर संभाग भाजपा मुक्त हो जाएगा। इस कारण कांग्रेस अपनी पूरी ताकत लगाने की तैयारी में है। वहीं, भाजपा बस्तर संभाग में एक सीट बचाने के लिए मैदान में उतरेगी। इसकी पूरी कोशिश रहेगी कि वह चित्रकोट विधानसभा सीट को कांग्रेस से छीन ले। इस कारण चित्रकोट उपचुनाव कांटे की टक्कर के साथ ही बेहद दिलचस्प होने वाला है।

बस्तर संभाग में 12 विधानसभा सीटें हैं। बस्तर संभाग में पहले भाजपा का दबदबा था, लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का सुपड़ा साफ हो गया। 12 में से केवल एक सीट दंतेवाड़ा को ही भाजपा जीत पाई थी। भाजपा के साथ दुखद यह हुआ कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले दंतेवाड़ा के विधायक भीमा मंडावी को नक्सलियों ने आइईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया था। पिछले दिनों ही दंतेवाड़ा में उपचुनाव हुआ।

भाजपा ने सहानुभूति का कार्ड खेला और भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी को मैदान में उतारा। भाजपा का यह कार्ड काम नहीं आया। उसके हाथ से दंतेवाड़ा सीट निकल गई। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दंतेवाड़ा सीट के नतीजे का असर चित्रकोट पर पड़ेगा।

वर्तमान में भाजपा के पास बस्तर संभाग की एक भी सीट नहीं है, जबकि कांग्रेस के पास दंतेवाड़ा जीतने के बावजूद 11 सीटें ही हैं। इसका कारण यह है कि कांग्रेस की एक सीट चित्रकोट खाली हो गई है। चित्रकोट के विधायक दीपक बैज सांसद बने, तो उन्होंने विधायक का पद छोड़ दिया, इसलिए वहां 21 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

कांग्रेस के दो जिला प्रभारी मंत्री संभालेंगे मोर्चा

नामांकन पर्चा भरने के बाद चित्रकोट की चुनावी बिसात बिछ जाएगी। भाजपा और कांग्रेस के आला-नेता लाव-लश्कर के साथ मैदान में कूद पड़ेंगे। जिस तरह से दंतेवाड़ा उपचुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने लगातार कैंप किया था, उसी तरह से वे चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में लगातार डटे रहेंगे।

बस्तर संभाग से सरकार में एकमात्र मंत्री कवासी लखमा को भी चित्रकोट की जिम्मेदारी दी जाएगी। चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र दो जिले जगदलपुर और सुकमा में बंटा हुआ है। जगदलपुर के प्रभारी जिला मंत्री प्रेमसाय सिंह और सुकमा के जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल हैं। इस कारण दोनों जिला प्रभारी मंत्री अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा संभालेंगे। संगठन और मोर्चा-संगठनों की टीम की जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी महामंत्री गिरिश देवांगन को दी जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल की चार-पांच चुनावी सभाएं होंगी।

भाजपा चुनावी कैंपेन के लिए कमर कसकर तैयार

चित्रकोट के चुनावी जंग के लिए भाजपा कमर कसकर तैयार हो चुकी है। भाजपा से प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता-प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक से लेकर रेणुका सिंह, पवन साय, बस्तर संभाग से भाजपा सरकार में मंत्री रहे केदार कश्यप व महेश गागड़ा, मोर्चा-संगठनों के प्रदेश पदाधिकारी चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में डेरा डालेंगे। भाजपा ने आला-नेताओं की सभा अलग-अलग करने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों के मतदाताओं के बीच पहुंचा जा सके।