जगदलपुर। मुंबई का म्यूजिक बैंड दायरा बस्तर के लोक कलाकारों के साथ मिलकर संगीत एलबम तैयार करेगा। इसकी अधिकांश शूटिंग व रिकार्डिंग शहर से सटे ग्राम आसना स्थित बस्तर एकेडमी आफ डांस, आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) में की जाएगी। बुधवार को बादल में आयोजित संगीत कार्यशाला संगम में भाग लेने पहुंचे म्यूजिक बैंड दायरा के कलाकारों ने संगीत के क्षेत्र से जुड़े बस्तर के कलाकारों और संगीत प्रेमियों को संगीत की बारीकियों की जानकारी से अवगत कराया।

कार्यशाला में बस्तर जिले के साथ-साथ संभाग के दूसरे जिलों के कलाकार व संगीत प्रेमी भी शामिल हुए। मुंबई के कलाकारों ने संगीत में दोहराव का महत्व, गीत लेखन की कला, संगीत में ताल, राग एवं सहगान के महत्व आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर स्थानीय कलाकारों व संगीत प्रेमियों के सवालों के जवाब भी दिए गए। दायरा बैंड के सदस्य पीयूष कपूर ने कहा कि बस्तर आकर हमें अच्छा लगा रहा है। यहां के लोक संगीत में काम करने की अपार संभावनाएं हैं।

आदिवासी लोक संगीत और वाद्ययंत्रों का कोई जवाब नहीं। उन्होंने बताया कि हमने यहां के लोक कलाकारों के साथ चार पांच एलबम तैयार किए हैं। आगे और भी एलबम तैयार करने की योजना है। सभी की रिकार्डिंग व शूटिंग बादल व बस्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों मे करने की जाएगी। कार्यशाला के बाद बैंड के कलाकारों ने संगीत की प्रस्तुति से श्रोताओं व दर्शकों को विभोर कर दिया। श्रोताओं में कलेक्टर रजत बंसल भी शामिल थे।

संगीत के लिए बीट कैसे तैयार की जाती है

संगीत कार्यशाला में स्वामी आत्मानंद स्कूल जगदलपुर की छात्रा तनिष झा ने दायरा बैंड के कलाकार से सवाल पूछा कि संगीत के लिए बीट कैसे तैयार की जाती है। एक अन्य छात्र सिद्धार्थ महाजन का सवाल था कि गीत को गाने के लिए लय कैसे बनाई जाती है। इन सब सवालों का बैंड के कलाकारों ने जवाब देकर विद्यार्थियों को संतुष्ट किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close