जगदलपुर (ब्यूूरो)। धान कटाई के साथ ही वनांचल में बड़े पैमाने पर बटेर पकड़े जा रहे हैं। बटेर का शिकार प्रतिबंधित है, बावजूद इसके जिले के हाट बाजारों में इन दिनों सैकड़ों बटेर बेचे जा रहे हैं। एक -दो बाजारों में ही वनकर्मी ग्रामीणों से बटेर जब्त कर रहे हैं, परन्तु सैकडों हाट बाजारों में खुले आम बिक रहे बटेरों को जब्त करने की वान्छित कार्रवाई नहीं हो रही है।

वन अधिनियम 1927 के अनुसार वन्यपक्षियों बटेर, तीतर, हरियल, कबूतर, पृडकी, मोर, बगुला, बतख आदि को पकड़ना प्रतिबंधित है। फिर भी लंबे समय से बटेर का शिकार खुले आम हो रहा है। धान कटाई के साथ ही खेतों में जाल बिछाकर बटेरों को पकड़ने का काम जोरों पर चल रहा है। ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए बटेर हाट बाजारों में पहुंच रहे हैं। दो नग बटेर को सौ सवा सौ रुपए की दर से बेचा जा रहा है, फिर भी लोग शहर से 25 -30 किमी दूर के हाट बाजारों में बटेर खरीदने पहुंच रहे हैं। गुरुवार को बस्तर और शुक्रवार को नानगूर बाजार में विक्रय हेतु बड़ी संख्या में बटेर लाए गए थे। लोगों ने डेढ़ सौ रुपए जोड़ी के दर से बटेर खरीदा।

राजधानी जा रहा बटेर

साऱगुड़ के नरसिंह कश्यप ने बताया कि कुछ किसान अपने खेतों में बटेर पकड़ने के लिए ग्रामीणों को ठेका देते हैं। ऐसा वे स्वयं के लिए और दूसरों को बेचने के लिए करते आ रहे हैं। वहीं कुलगांव के जानकीराम ने बताया कि साल में एक बार बटेर मिलता है, इसलिए मांग अधिक है।

उन्होंने बताया कि बस्तर का बटेर करीब आठ-दस वर्षों से रायपुर, भिलाई जैसे शहरों तक जा रहा है, इसलिए बटेर की कीमत पांच-छह गुना बढ़ी है।

चाइना बटेर खाएं

बटेर बिक्री के संदर्भ में उप वनमंडलाधिकारी एनआर खूंटे ने बताया कि वनांचल में बटेरों का शिकार प्रतिबंधित है, चूंकि बटेर को किसानों का मित्रपक्षी माना गया है। खेतों में कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग और लगातार अवैध शिकार से बटेरों की संख्या में तेजी से कमी आई है। जो लोग बटेर पसंद करते हैं, वे बटेर फॉर्म में बिकने वाले चाइना बटेर खरीद सकते हैं। इस बटेर की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं।

आठ वनकर्मियों ने पकड़ा पांच बटेर

गस्ती के दौरान उड़नदस्ता दल ने शुक्रवार को डिलमिली बाजार में पांच नग बटेर जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौेरान बाजार में उड़नदस्ता के प्रभारी सहित सात सदस्य उपस्थित थे।

Posted By: