जगदलपुर। शहर में लगातार होने वाले विकास कार्य के बीच अब जनता को परेशान होने लगी है। निर्माण के आड़ में सालों से सड़क किनारे लगे फलदार पौधों की बलि चौड़ीकरण के नाम पर चढ़ाई जा रही है। गीदम मार्ग में कुल 48 ऐसे पेड़ हैं। इनमें से आठ पेड़ को काटे जाने की जानकारी के बाद इंद्रावती बचाओ अभियान के सदस्यों ने विरोध जताया है। अभियान का मानना है कि विकास ने नाम पर शहर को कंक्रीट के जंगल में बदला जा रहा है।

सड़क चौडीकरण के लिए धरमपुरा मार्ग पर किए गए पेडों की शिफ्टिंग का उदाहरण देते इंद्रावती बचाओ अभियान के सदस्यों ने कलेक्टर रजत बंसल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अभियान से जुडे किशोर पारख व संपत झा ने कलेक्टर को अवगत करवाया कि पेड़ों को सही तरीके से हटाकर सुंदरीकरण का कार्य किया जाए। इसके अलावा इस मार्ग पर जो डिवाइडर व शहर के अन्य डिवाइडर बनाए जा रहे हैं, इसमें बीच की जगह पर पौधे लगाने की व्यवस्था की मांग की गई है।

डिवाइडर में पौधे लगाए गए

साथ ही जलसंरक्षण पर भी जोर दिया जाना चाहिए। बताया गया कि चांदनी चौक से शहीद पार्क तक के डिवाइडर में पौधे लगाए गए हैं। महानगर की तर्ज पर शहर के विकास का खाखा खींचा जाना चाहिए। शहर के आक्सिजन लेवल को बढाने के लिए यह पौधे कारगर साबित होंगे। कलेक्टर रजत बंसल ने इस दौरान कहा कि वे इस व्यवस्था का जायजा लेंगे और ऐसी व्यवस्था करेंगे जिससे कि पेडों को क्षति न हो, जनता है जागरूक।

पेड़ बचाने पोस्टर किया चस्पा

गीदम मार्ग में चल रहे सुंदरीकरण के कार्य को लेकर आसपास के रहवासी भी जागरूक हैं। पेडों की कटाई के बाद लोगों ने पेड बचाने के लिए पोस्टर चस्पा किया। सौ से अधिक लोगो ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगो की मांग थी कि जब आधुनिक तकनीक से पेड को काटने से बचाया जा सकता है तो फिर फलदार पौधों को काटने का औचित्य क्या है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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