योगेंद्र ठाकुर, दंतेवाड़ा। नक्सल समस्या से जूझ रहे बस्तर में आम आदमी ही नहीं, यहां तैनात फोर्स और सरकारी अमले की जिंदगी भी आसान नहीं है। बावजूद इसके वे कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हैं। जवान जहां मुठभेड़ में जान की बाजी लगाते हैं, वहीं सरकारी अमला भी जंगल, नदी-पहाड़ आदि से गुजरकर सेवा देता है। ऐसा ही एक वाक्या फिर सामने आया। जिसने डॉक्टरों के प्रति सम्मान को और बढ़ा दिया। अंदरूनी गांव पाहुरनार में लगाए स्वास्थ्य शिविर में जिला अस्पताल के डॉक्टरों को गंभीर मरीज मिला तो हालात को देखते हुए उन्होंने उसे जिला अस्पताल तक लाने के बजाए वहीं पेड़ के नीचे आपातकालीन ओटी तैयार किया और सर्जरी करके जिंदगी बचा ली।

जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग से पाहुरनार में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। जिला अस्पताल के विशेषज्ञों के साथ सर्जनों की टीम भी पहुंची थी। जांच के दौरान दो ऐसे मरीज मिले जिनका ऑपरेशन करना तत्काल जरूरी था। मरीज की जान को भी खतरा था। मरीजों की हालत को देखते हुए सर्जन डॉ. दीपक कश्यप और डॉ. अमन सिंह की टीम ने वहीं उनका ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। इसके बाद पेड़ के नीचे ही आपातकालीन थियेटर तैयार कर मरीजों का ऑपरेशन किया, जो कि सफल रहा। डॉ. कश्यप ने बताया कि ग्राम कौरगांव के ग्रामीण मिंटू के सीने में मवाद भरा था। उसे बात करने, सांस लेने सहित चलने में काफी तकलीफ हो रही थी। ग्रामीण पान साय के गले में सूजन के साथ मवाद भरा था। उसका भी ऑपरेशन जरूरी था। ऑपरेशन के बाद वे खुद चलकर घर गए।

एक कैंसर का भी मरीज मिला, लिया सैंपल

डॉक्टरों को कैंप में एक मुंह का कैंसर संबंधी मरीज मिला है जिसकी पुष्टि के लिए डॉक्टरों ने सैंपल जांच के हायर हॉस्पिटल में भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसका भी इलाज जिला हॉस्पिटल में किया जाएगा।

दूरी और आर्थिक तंगी से नहीं पहुंचे हॉस्पिटल

मरीजों के साथ शिविर में पहुंचे परिजनों ने बताया कि उनका गांव जिला और ब्लॉक मुख्यालय से काफी दूर है। गांव पहुंचने के लिए नदी-पहाड़ और जंगल पार करना पड़ता है। आवागमन का कोई साधन नहीं है। साथ ही वे आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से भी हॉस्पिटल तक उपचार के लिए नहीं जा सकते थे। गांव में डॉक्टर आने पर इलाज के लिए पहुंचे। उर डॉक्टरों ने उपचार के बाद जिला हॉस्पिटल में मुफ्त में आगे की इलाज होने की बात अन्य ग्रामीणों को बताई है। गांव में सरपंच सचिव से कहा गया है कि उन्हें जिला हॉस्पिटल लाकर आगे का उपचार करवाएं।

Posted By: Prashant Pandey