जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेशीकरण के बाद भी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम लिमिटेड (एनएमडीसी) का दखल बना रहेगा। सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी स्टील प्लांट एनएमडीसी स्टील लिमिटेड में 10 फीसद शेयर अपने पास रखेगी। विनिवेशीकरण की प्रक्रिया के लिए नियुक्त ट्रांजेक्शन एडवाइजर सरकारी क्षेत्र की कंपनी एसबीआइ कैपिटल मार्केट लिमिटेड ने एक दिसंबर को एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के रणनीतिक विनिवेशीकरण के लिए पसंद की अभिरूचि (एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट) जारी कर दिया है। 96 पेज के दस्तावेज में एनएमडीसी लिमिटेड और एनएमडीसी स्टील लिमिटेड दोनों कंपनियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।

विनिवेशीकरण के तहत एनएमडीसी स्टील लिमिटेड में केंद्र सरकार के 60.79 फीसद शेयर हैं। इनमें से 50.79 फीसद शेयर बेचने का प्रस्ताव किया गया है। शेष बचे हुए 10 फीसद शेयर केंद्र सरकार ने एनएमडीसी लिमिटेड को देने का आफर किया है। इससे साफ हो गया है कि करीब 23 हजार 140 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित तीन मिलियन टन सालाना उत्पादन क्षमता के नगरनार स्टील प्लांंट के विनिवेशीकरण के बाद भी एनएमडीसी प्लांट से जुड़ा रहेगा। 50.79 फीसद शेयर लेने वाली कंपनी अथवा कंपनियों के समूह के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में एक डायरेक्टर एनएमडीसी का भी रहेगा। एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट को लेकर जारी प्रस्ताव के संबंध में शेयर खरीदने की इच्छुक कंपनी अथवा कंपनियों के समूह को कोई सवाल पूंछना होगा तो इसके लिए 29 दिसंबर 2022 तक अपनी बात कंपनी रख सकेंगी। शेयर खरीदने बोली लगाने 27 जनवरी 2023 तक की समयसीमा तय की गई है। इस प्रक्रिया के बाद विनिवेशीकरण के अंतर्गत रिक्वेस्ट फार प्रप्रोजल से जुड़े दस्तावेेज जारी किए जाएंगे।

बड़ी कंपनियां लगा सकती हैं बोली

सरकारी शेयर खरीदने वाली कंपनी अथवा कंपनियों के समूह के लिए कुछ शर्ते तय की गई हैं। नगरनार स्टील प्लांंट के 50.79 फीसद शेयर खरीदने के लिए बोली लगाने वही कंपनी अथवा कंपनी के समूह पात्र होंगे जिनकी समस्त देनदारियां घटाने के बाद पूंजी कम से कम पांच हजार करोड़ या इससे अधिक होगी। चर्चा है कि आर्सेलर मित्तल, पोस्को, टाटा स्टील, जेएसडब्लयू आदि स्टील उत्पादन के क्षेत्र में देश की अग्रणी निजी कंपनियां नगरनार स्टील प्लांट के शेयर खरीदने की अभिरुचि दिखा सकती हैं।

1626 कर्मचारी अधिकारी कार्यरत

एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट के लिए जारी दस्तावेज में बताया गया है कि नगरनार स्टील प्लांट में 1626 अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 989 नियमित और 637 अनुबंध पर कार्यरत अधिकारी कर्मचारी हैं। एनएमडीसी का स्टील प्लांट में दखल बना रहेगा इसलिए इनके मामले में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।

केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के सचिव संजय कुमार सिंह का कहना है कि एनएमडीसी का कोर बिजनेस खनन करना है। एनएमडीसी पैसा लगा सकता है स्टील प्लांट नहीं चला सकता इसलिए हमें स्टील प्लांट चलाने वाला चाहिए। एनएमडीसी लिमिटेड एक लिस्टेड कंपनी है। प्राइवेट लोेगों के शेयर भी एनएमडीसी में हैं। विनिवेशीकरण से स्टील प्लांट चलाने सही एजेंसी आएगी और इसका सफलतापूर्वक परिचालन करेगी।

Posted By: Abhishek Rai

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