जगदलपुर। गणतंत्र दिवस समरोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों के अंशदायी पेंशन योजना में प्रदेश सरकार का अंशदान बढ़ाने और कार्यक्षमता ं उत्पादकता बढ़ाने के लिए अब पांच कार्यदिवस प्रति सप्ताह प्रणाली पर कार्य करने की घोषणा की है। यहां लालबाग मैदान में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई और भी घोषणाएं की।

उन्होंने किसी का नाम लिए बिना प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि डेढ़ दशक का लंबा समय गलत प्राथमिकताओं के कारण खराब हुआ जिसकी भरपाई वर्तमान सरकार कर रही है। भूपेश बघेल ने इस मौके पर प्रदेश सरकार की तीन साल की उपलब्धियां और आगामी दिनों के लिए सरकार के कामों की प्राथमिकताओं की विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंशदायी पेंशन योजना में सरकार दस फीसद का अपना अंशदान बढ़ाकर 14 फीसद करेगी। साथ ही प्रति सप्ताह पांच दिन की कार्यप्रणाली को लागू करने जा रही है।

उन्होंने कहा कि वह किसान पुत्र हैं और कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताएं और किसानों की समस्याओं और मांगों को अच्छे से समझते हैं। तीन साल पहले जब कांग्रेस की सरकार बनी तो उनकी सरकार ने सबसे पहले कृषि क्षेत्र के लिए काम करना शुरू किया। आज प्रदेश का किसान खुशहाल है। भूपेश बघेल ने कहा कि जब हम अपने गौरवशाली संविधान की बात करते हैं तो हमारी आंखों के सामने उन अमर शहीदों के चेहरे नजर आते हैं। जिनकी बदौलत भारत आजाद हुआ था। अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर जैसी विभूतियों की बदौलत 1857 की क्रांति के पहले से हमारा छत्तीसगढ़ भारत की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा था। आजादी के आंदोलन से लेकर गणतंत्र का वरदान दिलाने तक अनेक महान विभूतियों ने अपना योगदान दिया।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डा राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर, प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद सहित संविधान निर्माण की प्रक्रिया में शामिल महानुभावों और उस दौर की विभूतियों ने भारत के नवनिर्माण की नींव रखी थी। उसी पर देश बुलंदियों के नए शिखरों पर पहुंचा है।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

01- रिहायशी क्षेत्रों में संचालित व्यवसायिक गतिविधियों के नियमितीकरण हेतु आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।

02- समस्त अनियमित भवन निर्माण के नियमितीकरण हेतु इसी वर्ष कानून लाया जाएगा।

03- नगर निगम के बाहर निवेश क्षेत्रों में 500 वर्गमीटर के भूखंड हेतु बिना मानवीय हस्तक्षेप के भवन अनुज्ञा जारी की जाएगी।

04- शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय पट्टे की भूमि फ्री होल्ड की जाएगी।

05- लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण ं बड़ी संख्या में परिवहन सुविधा केंद्रए युवा रोजगार हेतु आरंभ किए जाएंगे।

06- शासकीय कर्मचारियों के हित में अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य सरकार का अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाएगा।

07- शासकीय कर्मचारियों की कार्य.क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली पर कार्य करेगी।

08- प्रदेश में तीरंदाजी को प्रोत्साहित करने हेतु जगदलपुर में शहीद गुण्डाधुर राज्य स्तरीय तीरंदाजी अकादमी आरम्भ की जाएगी।

09- मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में प्रारंभ की जाएगी।

10- नल कनेक्शन प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए मानवीय हस्तक्षेप मुक्त किया जाएगा।

11- महिला सुरक्षा हेतु प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।

12- वृक्ष कटाई अनुमति के नियमों का सरलीकरण करते हुए नागरिकों के हित में नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

13- औद्योगिक नीति में संशोधन कर अन्य पिछड़ा वर्ग में उद्यमिता विकास हेतु 10 प्रतिशत भूखंड आरक्षित किए जायेंगे।

14- खरीफ वर्ष 2022.23 से प्रदेश में दलहन फसल जैसे मूंग, उड़द, अरहर इत्यादि की खरीदी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।

15- श्रमिक परिवारों की बेटियों हेतु मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना शुरू की जाएगीए जिसके तहत हितग्राहियों की प्रथम दो पुत्रियों के बैंक खाते में 20-20 हजार रुपये की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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