जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सुकमा जिले के ग्राम रेगड़गट्टा में हाथ पांव में सूजन से मौतों की बात को स्वीकार करते हुए कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। बीमार लोगों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया गया है और आगे भी चिकित्सा सेवा देने में कोई कमी नहीं रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में मौत को आंकड़ा सामान्य से अधिक देखने को मिला है। सामान्य मौतें भी हुई हैं। सभी मौत बीमारी से होने से बात गलत है।

तीन दिन के जगदलपुर दौरे पर आए सिंहदेव ने गुरुवार रात को मेडिकल कालेज डिमरापाल में स्वास्थ्य विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक लेने से पहले सुकमा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर संभाग एवं रेगड़गट्टा से जांच कर लौटी मेडिकल कालेज की टीम के साथ अलग से चर्चा की। बैठक के पहले आधा घंटा इसी एक विषय पर विस्तार से चर्चा कर समीक्षा की।

दूसरे दिन शुक्रवार को प्रेस क्लब मेें पत्रकारवार्ता में सिंहदेव इस विषय पर पूरी जानकारी और जांच रिपोर्ट के साथ आए थे। उन्होंने कहा कि नईदुनिया से रेगड़गट्टा में मौतों का मामला उठाया और लगातार इस विषय पर खबरें प्रकाशित की गई। वह मीडिया की खबरों को हमेशा गंभीरता से लेते हैं। इस मामले को भी पूरी गंभीरता से लिया जाकर त्वरित कार्रवाई की गई।

61 मौतों का मामला सबसे पहले प्रकाश आया था। परीक्षण में यह आंकडा 57 निकला है। चार नाम का दोहराव हुआ है। सिंहदेव ने कहा कि जांच टीम ने सुकमा जिले में पिछले दस सालों में हुई मौतों और रेगड़गट्टा में 2003 से अब तक हुई मौतों का आंकड़ा एकत्र करने पर पाया कि पिछले तीन साल 2020 से 2022 में (अब तक) औसत से अधिक संख्या में मौत हुई है। इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है।

बीस सालों में 127 मौत

जांच रिपोर्ट के हवाले से सिंहदेव ने बताया कि पिछले 20 सालों में रेगड़गट्टा में कुल 127 मौत हुई है। इनमें 2020 में 16, 2021 में नौ और इस साल अब तक 22 मौतें हुई हैं। 2015 के पश्चात मौत के आंकड़ोें में सामान्य से अधिक वृद्धि देखने में सामने आई है। उपरोक्त मृत्यु के कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाना वर्तमान में संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जांच दल ने पाया है कि पिछले तीन चार सालों में 57 मौतों में 25 लोगों की मृत्यु शरीर में सूजन, 13 लोगों की अधिक बुजुर्ग होने के कारण, सात लोगों की अचानक, तीन लोगों की सीने मेें दर्द, तीन लोगों की जहर सेवन, दो ने फांसी लगाई, दो की आंध्रप्रदेश में और एक की फुड पाइजनिंग व एक की अज्ञात बीमारी से मौत हुई है।

सिंहदेव ने कहा कि चौकाने वाला तथ्य यह भी है कि सूजन की बीमारी से मरने वाले 25 लोगों में 88 फीसद पुरूष और 12 फीसद महिलाएं हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बीमारी से होने वाली मौतों के मामले में खान पान में पोषक तत्वों की कमी और एनीमिया भी कारण रहा है।

मिट्टी और पानी की जांच कराई गई

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रेगड़गट्टा की मिट्टी और पानी की जांच कराई गई है। मिट्टी परीक्षण में कार्बनिक कार्बन की मात्रा सामान्य से कम, नत्रजन की मात्रा सामान्य से कम, स्फुर की मात्रा सामान्य से मध्यम, पोटाश की मात्रा सामान्य से अधिक पाई गई है। शूक्ष्म तत्वों में लोहा, तांबा, मैगनीज की मात्रा सामान्य से अधिक पाई गई है। मिट्टी मेें पाए जाने वाले अन्य तत्वों की मात्रा सामान्य पाई गई है।

बताया गया कि गांव में चार हैंडपंप हैं। यहां पानी की जांच में केडियम एवं लेड की मात्रा सामान्य पाई गई जबकि दो नमूनों में अर्सेनिक की मात्रा अधिक मिलने पर हैंडपंप को बंद कर दिया गया है। गांव में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए रेगड़गट्टा और आसपास के 29 गांवों के लिए समूह जलप्रदाय योजना बनाई जा रही है।

Posted By: Pramod Sahu

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