जगदलपुर। Hightcourt news: जिले में शिक्षा विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियम विरूद्ध नियुक्ति और अपात्र लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने में अनियमितता को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते बिलासपुर हाइकोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस जारी तक जवाब मांगा है। याचिका अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा दायर की गई है।

जनहित याचिका पर मंगलवार को प्रारंभिक सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीसी साहू की युगलपीठ ने शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर, कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर सहित अन्य सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। अजाक्स संघ द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि साल 2013 से 2018 के बीच बस्तर जिले में अधिकांश समय तक एक ही अधिकारी राजेन्द्र झा जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान शिक्षा विभाग में नियमों को ताक पर रखकर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कर्मचारियों की भर्ती की गई। कुछ अपात्र लोगों को अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई। कर्मचारियों की भर्ती के लिए न तो विज्ञापन जारी किया गया और न ही आवेदन पत्र आमंत्रित कर मेरिट सूची निकाली गई। याचिकाकर्ता कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि अनियमितता का मामला प्रकाश में आने के बाद से ही लगातार उच्चाकारियों से शिकायत की जाती रही है। जिला स्तर पर जांच भी हुई लेकिन किसी दोषी अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण उन्हें न्यायालय की शरण में जाना पड़ा है। इधर हाइकोर्ट से नोटिस जारी होने की खबर के बाद बुधवार को यहां जिला शिक्षा कार्यालय में नियुक्ति में अनियमितता का मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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