जगदलपुर। किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन के किरंदुल रेलखंड में 17 दिसंबर को हुई मालगाड़ी दुर्घटना की रेलमंडल मुख्यालय विशाखापटनम ने उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। चार सदस्यीय जांच कमेटी में रेलमंडल के वरिष्ठ अधिकारी सीनियर डिवीजनल आपरेशन मैनेजर, सीनियर डिवीजनल इंजीनियर, सीनियर डिवीजनल इलेक्ट्रिक इंजीनियर व कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। जांच कमेटी ने 27 दिसंबर को दंतेवाड़ा व किरंदुल के डीटीआइ, लोको इंस्पेक्टर, पीडब्ल्यूआइ को विशाखापटनम बुलाकर बयान दर्ज किया है।

जल्दी ही दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी के चालक, सह चालक व गार्ड के साथ ही भांसी-कमलूर स्टेशन के घटना के समय ड्यूटी पर तैनात रहे स्टेशन मास्टर को भी बयान के लिए बुलाया जाएगा। ज्ञात हो कि 17 दिसंबर को किरंदुल रेलखंड के भांसी-कमलूर स्टेशनों के बीच तड़के चार बजे किरंदुल से लौह अयस्क भरकर बड़े आरापुर साइडिंग जा रही मालगाड़ी के 18 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इनमें 15 डिब्बे आपस में टकराकर कंडम हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में रेल दुर्घटना के पीछे रेलपांत में तकनीकी खामी को बताया गया है।

घटनास्थल के लिए नक्सल प्रभावित इलाका होने से रेल दुर्घटना को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। दुर्घटनास्थल से जांच दल को कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है जिसमें घटना के पीछे नक्सल हाथ होने की आंशका को बल मिले। ज्ञात हो कि इसी क्षेत्र में 26 नवंबर को भी मालगाड़ी दुर्घटना हुई थी जिसे नक्सलियों द्वारा पटरी उखाड़कर अंजाम दिया गया था।

मालगाड़ी दुर्घटना के पीछे तकनीकी खामी

बताया जाता है नक्सलियों का घटना के पीछे हाथ होने के पुख्ता सबूत होने से उस समय घटना की प्रारंभिक जांच करके प्रकरण को बंद कर दिया गया था। इसके बाद हुई मालगाड़ी दुर्घटना के पीछे तकनीकी खामी की बात सामने आने पर रेलवे द्वारा उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच कराई जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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