जगदलपुर। तीन सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे छत्तीसगढ़ महिला पुरुष मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ की शासन द्वारा मांगों पर निर्णय नहीं लेने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को संघ के सैकड़ों सदस्यों ने शहर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। रैली स्थानीय विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन के कार्यालय भी पहुंची और कुछ समय के लिए बाहर मुख्य मार्ग पर धरना देकर नारेबाजी की गई।

रेखचंद जैन के बस्तर दशहरा कमेटी के साथ राजधानी के प्रवास पर होने से संघ के पदाधिकारियों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। संसदीय सचिव के मुख्यालय से बाहर होने की जानकारी मिलने पर पदाधिकारियों ने फोन पर जैन से संपर्क कर रसोइया संघ की मांगो को पूरा कराने मुख्यमंत्री से चर्चा कर दबाव बनाने का अनुरोध किया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सड़क पर धरना देने से करीब 20 मिनट तक सड़क आवागमन बाधित रहा। लोगों को आने जाने में परेशानी हुई।

इसके पहले धरनास्थल पुराना कृषि उपज मंडी परिसर से दोपहर 12 बजे रैली निकाली गई। शहीद पार्क, मेन रोड, सिरहासार चौक, विधायक कार्यालय मार्ग से संजय मार्केट, हाइस्कूल रोड होकर तीन घंटे बाद रैली वापस धरनास्थल पहुंची। संघ के जिला अध्यक्ष लोकनाथ देवांगन ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश सरकार मध्यान्ह भोजन रसोइयों की आर्थिक स्थिति को समझ नहीं रही है।

महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर किस तरह से ये परिवार का गुजारा कर रहे हैं इन्हीं को मालूम है। सरकार को चाहिए कि रसोइयों को कलेक्टर दर पर मानदेय प्रदान करने का आदेश जारी करे ताकि कुछ हद तक सम्मानजनक राशि मिल सके। रसोइयों के मानदेय में की गई तीन सौ रुपये की वृद्धि की एरियर्स राशि प्रदान की जाए तथा बिना किसी कारण के रसोइयों को काम से निकालने की प्रवृति पर रोक लगाई जाए। लोकनाथ देवांगन ने कहा कि जब तक तीनों मांग पूरी नहीं होगी रसोइयों का हड़ताल जारी रहेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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