जगदलपुर। राष्ट्रीय अजजा (अनुसूचित जनजाति) आयोग व प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ नेता नंदकुमार साय ने आदिवासी समाज की महिला द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्रपति बनने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे आदिवासी समाज गौरवान्वित हुआ है।

कांग्रेस ने देश में 60 साल शासन किया लेकिन कभी आदिवासी समाज का व्यक्ति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचे इसकी सोच नहीं रखी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और सहयोगी दलों ने आदिवासी समाज का ख्याल रखा और आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद तक पहुंचाया। इसकी कल्पना आदिवासी समाज ने भी नहीं की थी पर भाजपा ने इसे संभव कर दिया।

साय ने कहा कि भाजपा ने यह प्रक्रिया शुरू की है और अब वह दिन दूर नहीं जब आदिवासी आबादी बहुल छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी आदिवासी होगा। उन्होंने शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकारवार्ता में एक सवाल के जवाब में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज के प्रतिनिधि को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया है और छत्तीसगढ़ में भी आगे चलकर मुख्यमंत्री इसी समाज का हो सकता है। कांग्रेस को वादाखिलाफी करने वाली पार्टी बताते हुए साय ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान प्रदेश सरकार ने पौने चार साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को विकास के मामले में पीछे धकेल दिया है।

साय पिछले चार दिनों से बस्तर संभाग के दौरे पर हैं और दक्षिण बस्तर का दौरा पूरा कर शनिवार को जगदलपुर पहुंचे हैं। भू-अर्जन व मुआवजा राशि निर्धारण में अनियमितता से जुड़े सवाल पर उनका कहना था कि रावघाट-जगदलपुर रेललाइन बस्तर के लिए सबसे महत्वपूर्ण परियोजना है। परियोजना पर काम आगे बढ़ाने की जरूरत है। अनियमितता में जिनका भी नाम आरोपित के रूप में सामने आया है फिर वो रेलवे के ही अधिकारी क्यों न हो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साय ने कहा कि वह तीन जिलों का दौरा कर चुके हैं।

बीजापुर-सुकमा जिले में वर्षा और बाढ़ से काफी तबाही हुई है लेकिन प्रभावितों को शासन-प्रशासन की ओर से राहत राशि व सामग्री अब नहीं मिली है। रेगड़गट्टा में बीमारी से ढ़ाई साल में 61 लोगों की मौत हो गई लेकिन सरकार अभी तक मौत के असली कारणों का पता नहीं लगा पाई है। प्रभावित गांवों में राजधानी रायपुर से उच्चस्तरीय जांच दल और मेडिकल टीम भेजने की जरूरत है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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