Jagdalpur News: जगदलपुर। दलपत सागर में अब इंद्रावती नदी का पानी पहुंचने लगा है। इसका परीक्षण किया गया। बस्तर दशहरा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बस्तर प्रवास के दौरान इसका शुभारंभ करेंगे। कलेक्टर रजत बंसल ने दलपत सागर को साफ पानी से भरने के लिए किए गए इस कार्य का अवलोकन किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी, सहायक कलेक्टर सुरुचि सिंह, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, नगर निगम आयुक्त प्रेम पटेल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता राजीव बतरा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता देवांगन सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। दलपत सागर को संरक्षित करने की दिशा में उठाए गए कदम के तहत इंद्रावती नदी के बहते साफ पानी को दलपत सागर में भरने की यह कवायद की गई है।

इसके तहत पावर हाउस चौक में जल आवर्धन योजना के तहत स्थापित इंटेकवेल में 75-75 एचपी के दो पंप स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 400 मिलीमीटर व्यास की 700 मीटर पाइप लाईन के माध्यम से इंद्रावती नदी का पानी दलपत सागर में पहुंचाया जा रहा है। ऐतिहासिक दलपत सागर जलकुंभी के कारण न केवल अपनी सुंदरता खो रहा था, बल्कि यह अपना अस्तित्व भी खो रहा था। दलपत सागर के अस्तित्व को बचाने के साथ ही इसकी सुंदरता को निखारने के लिए बस्तर जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

दलपत सागर अब काफी साफ

घरेलू उपयोग में आने वाली जल के बड़ी मात्रा में पहुंचने के कारण दलपत सागर में जलकुंभी बड़े पैमाने पर पनपी थी। इस जलकुंभी को निकालने के लिए प्रशासन और सामुदायिक प्रयास किए गए जलकुंभी को निकालने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम को 75 लाख रुपये की लागत से वीड हार्वेस्टर मशीन भी उपलब्ध कराई गई है। इसके उपयोग के कारण दलपत सागर अब काफी साफ दिखाई दे रहा है। वहीं दलपत सागर में जलकुंभी फिर से न पनपे, इसके लिए दलपत सागर में आने वाली दूषित जल को रोकने की कार्रवाई भी की जा रही है। दूषित जल को यहां आने से रोकने पर दलपत सागर में होने वाली जल स्तर की कमी को देखते हुए इंद्रावती नदी के साफ पानी से भरने की कवायद शुरू की गई है।

एसटीपी का परीक्षण आज होगा शुरू

जगदलपुर में रोजाना उपयोग में आने वाले घरेलू पानी के निस्तारण की दिशा में भी कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जगदलपुर में दस आउटलेट के माध्यम से पानी दलपत सागर और इन्द्रावती नदी में सीधे पहुंचता है और उसे दूषित कर देता है। इंद्रावती और दलपत सागर को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए बालीकोंटा में करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की गई है, जिसका परीक्षण शुक्रवार को किया जाएगा। शहर से प्रतिदिन करीब आठ एमएलडी प्रदूषित जल की निकासी होती है तथा इस दूषित जल के ट्रीटमेंट के लिए बालीकोंटा में 25 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। बालीकोंटा तक यहां के दूषित जल को पहुंचाने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी पाइप लाईन बिछाई गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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