जगदलपुर। नईदुनिया न्यूज

पूरे गर्मी के दौरान नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा से लेकर कोंडागांव तक ग्रामीण इलाकों में लोगों के द्वारा झरन व चुओं से पानी इकट्ठा कर पीने के लिए इस्तेमाल करने की खबरें फोटो सहित प्रकाशित होती रही हैं। एक ओर जहां ऐसी तस्वीर है वहीं दूसरी ओर संभाग स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने कमिश्नर को यह बताया है कि बस्तर में कहीं भी पेयजल की समस्या नहीं है। राज्य में सरकार चाहे भले बदल गई हो लेकिन अधिकारियों का ढ़र्रा नहीं बदला ीहै, ऐसी चर्चा आम है। इस बात में मुहर भी बुधवार की बैठक में लग गई। नईदुनिया ने ही पिछले दो माह में ऐसी अनेक खबरें प्रकाशित की हैं जिनमें लोगों के पानी की तकलीफ को उजागर किया गया है। बस्तर जिले के लेंड्रा की बात हो या दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा इलाके के गांवों की, सभी जगह गर्मी में लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते दिखे। फिर भी अधिकारी बैठक में साहेब को यह भरोसा दिलाने में कामयाब हो गए कि संभाग में कहीं भी पानी की समस्या नहीं है।

कमिश्नर अमृत कुमार खलखो ने किसानों को खरीफ मौसम के लिए समय पूर्व खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। खलखो ने अधिकारियों से कहा कि 15 जून से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के लिए बच्चों को पाठ्य-पुस्तक गणवेश, सायकल आदि समय पर उपलब्ध कराने कहा। छात्र-छात्राओं की आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गांव-गांव में जाकर बिजली व्यवस्था का निरीक्षण करें और जरूरत के मुताबिक अभी से आवश्यक सुधार कार्य कर लें। उन्होंने मीटर रीडिंग के लिए कौशल उन्नय योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को कार्य पर रखने कहा। बुधवार को कमिश्नर कार्यालय में आयोजित संभागीय अधिकारियों की बैठक में खाद-बीज वितरण, बोनी की स्थिति, छात्र-छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक, सायकल, गणवेश प्रदान करने सहित संभाग में पीने का साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधा, सिंचाई, कुपोषण मुक्ति, लोक सेवा गारंटी अधिनियमों के तहत दी जाने वाली ऑनलाइन सेवाएं, सड़क निर्माण, मछली पालन, रोजगार के अवसर, बिजली और राज्य शासन की नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजनाओं में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बस्तर संभाग के लिए 63 हजार 604 क्विंटल धान बीज भण्डारण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 33 हजार 220 क्विंटल बीज का भण्डारण हो चुका है। संभाग में 1001 और 1010 धान बीज की मांग ज्यादा है। अब तक 14 हजार 137 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। बताया गया कि संभाग में रासायनिक खादों का भण्डारण पर्याप्त मात्रा में कर लिया गया है।

यह कहा सरकारी विज्ञप्ति में

बस्तर संभाग में पेयजल समस्या नहीं है, जगदलपुर में 98 हैंडपम्प चालू हैं। सुकमा जिले में 71 हैण्डपम्प, तीन सोलर पम्प सहित नल-जल योजनाएं चल रही हैं। पीने के पानी की समस्या नहीं है। बैठक में बताया गया कि संभाग में 11 हजार 285 नरवा है। इनमें से छह हजार 434 नरवा सुकमा जिले में हैं। 270 नरवा में कार्य प्रगति पर है।