जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इंद्रावती बचाओ अभियान की महिला सदस्यों ने शनिवार को केंद्रीय विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर बच्चों को पर्यावरण से जोड़ने का प्रयास किया। इस मौके पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नेहा कोटकर कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरण को सुधारने का कार्य नई पीढ़ी ही कर सकती है, इसलिए छात्र-छात्राओं को गंभीरता से पेड़-पौधों के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

समिति के सदस्य सुबह सात बजे केंद्रीय विद्यालय पहुंच गए थे। यहां उन्होंने विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण बच्चों से करवाया तथा इनकी सुरक्षा का दायित्व भी उन्हें सौंपा। पौधरोपण के बाद बच्चों को पेड़ लगाने और धरती के गर्म होने की वजह से अवगत कराया गया। बच्चों को बताया गया कि पेड़-पौधे पृथ्वी के लिए छाते की तरह है, जो भूमि को तपने से बचाते हैं। वहीं पृथ्वी के गर्भ में जमा पानी वाहन के उस रेडिएटर की तरह है जो वाहन को ठंडा रखता है। लेकिन भूमिगत जल स्रोतों का लगातार दोहन करने के कारण ही धरती अंदर का जमा पानी तेजी से खत्म हो रहा है इसलिए धरती भी तेजी से गर्म होने लगी है। इसी का परिणाम है कि पूरी दुनिया में प्राकृतिक विपदाएं बढ़ी हैं। हम सभी प्रकृति का दोहन तो कर रहे हैं परंतु धरती को सुरक्षित रखने या भूमिगत जल स्रोतों बढ़ाने का प्रयास कभी नहीं किए। इस अभियान को जब तक एक आंदोलन का रूप में हम नहीं लेंगे, अपनी सुंदर धरती को विनाश से नहीं बचा पाएंगे।