जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

चित्रकोट उपचुनाव के लिए 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जाने वाले 31 मतदान दलों को मतदान से पहले रात सीआरपीएफ कैंपों में गुजारनी होगी। ये दल चुनाव से एक दिन पहले जगदलपुर से वाहनों में सुरक्षा बल के ठिकानों के लिए रवाना होंगे। कैंप से इन्हें मतदान केन्द्रों तक सुरक्षति पहुंचाने की जिम्मेदारी सुरक्षा बलों की होगी। गत विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी अंदरूनी क्षेत्रों के अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों तक इसी तरह से पहुंचाया गया था। मतदान संपन्न होने के बाद दलों को वहां से लाने का जिम्मा भी सुरक्षा बलों को सौंपा गया है। कैंपों से मतदान केन्द्रों तक आने-जाने इन्हें पैदल मार्च करना होगा। सुरक्षा बल किस रास्ते से इन्हें लेकर जाएंगे-आएंगे, यह तय करने का काम सुरक्षा बलों का रहेगा। चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में 229 मतदान केन्द्र हैं। इनमें 213 मतदान केन्द्र बस्तर जिले में और 16 केन्द्र सुकमा जिले में आते हैं। इनमें से 70 केन्द्र अति संवेदनशील और 93 केेन्द्र नक्सल संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। मतदान दलों को लाने व ले जाने के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग किया जाएगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। अति संवेदनशील केन्द्रों तक मतदान दलों की आवाजाही के माध्यम को गोपनीय रखा गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network