जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बस्तर जिला के नानगूर व बड़ेमुरमा गांव के 52 किसान अपनी फसल बीमा राशि के लिए पांच महीने से भटक रहे हैं और विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं परंतु किसी भी दफ्तर से इन्हें संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। बताया गया कि किसानों को करीब 21 लाख रुपये का भुगतान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किया जाना है। इधर बीमा कंपनी के अधिकारी का कहना है कि हमने सहकारी बैंक में राशि जमा करा दी है। किसानों को बैंक क्यों भुगतान नहीं कर रहा है? यह जांच का विषय है। फसलों की सुरक्षा के हिसाब से जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक मर्यादित जगदलपुर अंतर्गत ग्राम नानगुर लेम्पस में वहां के 51 तथा बड़ेमुरमा के एक किसान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया था। इन किसानों ने वर्ष 2017- 18 अपनी फसलों का बीमा करा निर्धारित प्रीमियम राशि जमा की थी। इस बारे में मई 2019 को संबंधित बीमा कंपनी द्वारा नानगूर लेम्पस में बीमित किसानों की सूची तथा क्लेम राशि का ब्योरा चस्पा कर दिया था, परंतु पांच महीने बाद भी बीमित किसानों को फसल बीमा राशि का वितरण नहीं हो पाया है। प्रभावित किसान इस संबंध में अगस्त 2019 से लगातार जिलाधीश कार्यालय, केंद्रीय सहकारी बैंक जगदलपुर, उप संचालक कृषि कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं परंतु कहीं से किसान को बीमा राशि के संदर्भ में वाजिब जानकारी नहीं दी जा रही है। इधर नानगूर लैम्पस के प्रबंधक तुलसीराम सेठिया किसानों को जवाब देते हैं कि बीमित किसानों की सूची बीमा कंपनी ने लगवाई है परंतु किसानों की फसल बीमा राशि अब तक रिलीज नहीं की गई है। इधर नानगूर के किसान राजाराम कश्यप, महेन्द्र सेठिया, अशोक राजपूत, सूरजनारायण सेठिया, मनोहर बिसाई, पूरन सेठिया, लिलेश सेठिया आदि ने बताया कि 52 किसानों को फसल बीमा राशि का लगभग 21 लाख रुपये का भुगतान किया जाना है परंतु किसानों के हित में कोई अधिकारी प्रकरण को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इधर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को देखने वाले उप संचालक कृषि कार्यालय में पदस्थ अधिकारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बीमा कंपनी किसानों की बीमा राशि केन्द्रीय सहकारी बैंक सहित विभिन्न बैंकों में जमा करवा चुकी है। बैंक वाले ही किसानों की बीमा राशि का भुगतान रोके हुए है। सूची जारी करने के बाद भी किसानों को भुगतान क्यों नहीं हो रहा है? यह जांच का विषय है।

Posted By: Nai Dunia News Network