जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इस मानसून सीजन में वर्षों के बाद हुई रिकार्ड तोड़ बारिश अक्टूबर माह में भी किसानों का पीछा नहीं छोड़ रही है। मानसून की विदाई 15 अक्टूबर मानी जाती है पर अब भी रोजाना जहां बारिश हो रही है घंटे दो घंटे तक ताबड़ तोड़ हो रही है। पानी के इस मिजाज को देखकर किसान चिंतित हैं हालांकि दीर्घ अवधि के धान के खेतों में वर्तमान में बालियां निकल रही हैं, बारिश उन खेतों में दरारें पड़ने नहीं दे रही है और इन खेतों के लिए बारिश किसी वरदान से कम नहीं है पर मक्का उत्पादक किसानों को यह बारिश दुबले को दो आषाढ़ साबित हो रही है क्योंकि मानसून सीजन में अतिवर्षा से जहां किसान अब तो लागत ही निकल जाए इस आश में थे वहीं हालिया बारिश खड़ी फसल में ही अंकुरण का संकेत दे रही हैं। इन सब परिस्थिति वे किसान मस्त हैं जिनके खेत से बारिश होने के बाद छोटी मछलियां निकल रही हैं। इसका देसी पद्धति से प्रसंस्करण कर सूक्सी तैयार की जाती है जो 1500 से दो हजार रुपये किलो तक बिक रही है।

सब्जी उत्पादक किसान निराश

अक्टूबर माह में बारिश खंड वर्षा के रुप में प्रायः सभी इलाकों में हो रही है। इस बारिश की वजह से अर्ली व्हेरायटी के धान को काटने की किसान हिम्मत नहीं जूटा पा रहे हैं क्योंकि खलिहान अभी सूखे नहीं है। वहीं धान कटाई और खेत नहीं सूखने के कारण किसान सही समय में हरी मिर्च, मटर, टमाटर की फसल लेने में पिछड़ रहे हैं। आवक की कमी के कारण बाजार में सब्जियों के भाव 40-50 रुपये किलो से नीचे नहीं है। सब्जी उत्पादन में यह धारणा है कि जिसकी फसल सबसे पहले और बाद में होगी उसे उतना ही फायदा मिलेगा।

किसान पहली बार चिंतित नहीं

बस्तर में धान कटाई की कटाई नवम्बर माह तक चलती है। वहीं अक्टूबर माह में किसान बंगाल की खाड़ी में इस दौरान बनने वाले साइक्लोन का सामना हर साल करते हैं जिसमें हुदहुद, तितली जैसे कई नाम शामिल है। अधिकांश किसान मौसम विभाग नहीं बल्कि चांद के पास बनने वाले घेरे को देख मौसम का अंदाजा लगाते हैं और घेरा हटने का मतलब है आसमान साफ होना जिसके बाद किसान धान की कटाई करते हैं।

क्या कहते हैं वर्षा के आंकड़े

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में एक जून से 21 अक्टूबर तक 2329.1, बस्तर में 1958.5, सुकमा में 1771.9, कोण्डागांव में 1744.7 तथा कांकेर जिले में 1456.3 मिमी बारिश हो चुकी है। बस्तर जिले में दस वर्षों की औसत वर्षा 1472.2 मिमी है वहीं पिछले साल इसी दौरान 1240.7 मिमी बारिश हुई थी।

Posted By: Nai Dunia News Network