बीजापुर। नईदुनिया न्यूज

कोतवाली थाना क्षेत्र के कोकरा गांव में माओवादियों द्वारा जनअदालत में महिला समेत तीन ग्रामीणों की बेदम पिटाई का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली है। सुरक्षा मांगने पहुंचे लखमु मोड़ियामी और विष्णु कुंजाम ने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर के शक में गत 11 अक्टूबर को जनअदालत का लगाया था। लगातार दो दिनों तक वे नक्सलियों के कब्जे में थे। इस दौरान उनके पास से मोबाइल जप्त करने के बाद डीवीसी दिनेश ने फोन तोड़ दिया। इसके बाद बेदम पिटाई का फरमान जारी हुआ। पिटाई के चलते दोनों के शरीर के विभिन्न अंगों में गंभीर चोटें आई है। विष्णु के अलावा अपनी पत्नी को साथ लेकर बीजापुर कोतवाली पहुंचा। यहां उनकी शिकायत पर दिनेश समेत मारपीट में शामिल नक्सलियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया गया है।

पूर्व में नक्सली थे पति-पत्नी

लखमु का कहना है कि वह पूर्व में नक्सली संगठन का सदस्य रह चुका हैं। उसकी पत्नी संगीता भी दलम में शामिल थी। दोनों ही नक्सलियों के प्लाटून नंबर 2 के सदस्य रह चुके हैं। 2011 के बाद उन्होंने संगठन से नाता तोड़ दिया। लखमु के अुनसार संगठन में रहते पार्टी की विचारधारा और जमीनी हकीकत में उन्हें फर्क समझ आया, इसलिए संगीता के साथ उसने पार्टी छोड़ने का निश्चय किया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी चंद्रशेखर बारिक ने नईदुनिया को बताया कि लखमु द्वारा पत्नी के साथ खुद को संगठन का पूर्व सदस्य बताया अवश्य जा रहा है, लेकिन पुलिस के पास इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। यह बात सामने आई है कि गत वर्ष जब ये ग्रामीण मिर्ची तोड़ने तेलंगाना जा रहे थे उस दौरान ग्रामीणों का रिकॉर्ड रखने उनके मोबाइल नंबर, पता आदि जानकारी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी जिसे माओवादी कुछ और समझ बैठे और शक की बुनियाद पर ही इनसे मारपीट की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network