जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के सरकारी दफ्तरों को जनसामान्य के लिए जरूरी सुविधाओं से लैस करने तथा कामकाज को दुरस्त करने से जुड़ी जिला प्रशासन की पहल रंग लाने लगी हैं। चार माह पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जिला प्रशासन की इस पहल को सरकारी दफ्तरों के बीच मोचो ऑफिस नंगत ऑफिस की थीम पर प्रतियोगिता लांच की थी। कई दौर की समीक्षा और आंकलन के बाद इसका अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। प्रतियोगिता में शामिल जिले के 97 सरकारी दफ्तरों में 17 को एक्सलेंट की श्रेणी मिली है। 27 दफ्तरों को बहुत अच्छा, 19 दफ्तरों को अच्छा और 29 दफ्तरों को सामान्य तथा पांच दफ्तरों को खराब स्थिति की श्रेणी में शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश में इस तरह की अभिनव प्रतिस्पर्धा का आयोजन करने वाला बस्तर जिला प्रशासन पहला है। कलेक्टर डॉ अ्रयाज तंबोली की इस पहल के बारे में अफसरों का कहना है कि मोचो ऑफिस नंगत ऑफिस की थीम पर हुई इस प्रतिस्पर्धा के माध्यम से जहां आम जनता को शासकीय कार्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होंगी वहीं स्वच्छ एवं सुंदर परिवेश में कार्य करने से कार्यालयीन कर्मचारियों-अधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। इससे शासन की जनकल्याणकारी एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

चार दफ्तरों की उपलब्धि सौ फीसदी

मोचों ऑफिस नंगत ऑफिस की सूची में खंड शिक्षा कार्यालय जगदलपुर पहले नंबर पर है। इसके बाद जिला पंचायत बस्तर का स्थान है। तीसरे और चौथे क्रम पर सीइओ जनपद पंचायत बकावंड और जगदलपुर का स्थान है। इन चारों दफ्तरों ने 130 में से पूरे 130 नंबर हासिल करते हुए सौ फीसद उपलिब्ध हासिल की है। इन्हें एक्सलेंट केटेगरी के 19 दफ्तरों से सबसे उपर रखा गया है। इस श्रेणी में शामिल अन्य दफ्तरों को 95 से लेकर 80 फीसद तक नंबर मिले हैं। इनमें उद्योग एवं व्यापार केन्द्र, जनपद दरभा, आदिवासी विकास विभाग जगदलपुर, उद्यानिकी जगदलपुर, पंचायत विभाग जगदलपुर, जनपद तोकापाल, उप संचालक कृषि, हाउसिंग बोर्ड जगदलपुर, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना इकाई जगदलपुर, केन्द्रीय जेल जगदलपुर ईई सेतु निर्माण, तहसील कार्यालय बकावंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहंडीगुड़ा, क्रेडा जगदलपुर शामिल हैं।

पांच दफ्तर निकले फिसड्डी

जिले के सरकारी दफ्तरों में पांच दफ्तर ऐसे भी रहे हैं जो मानक पर खरा उतरना तो दूर पूरी तरह से फिसड्डी साबित हुए हैं। इन्हें पुअर केटेगरी में रखा गया है। इनमें महिला एवं बाल विकास परियोजना जगदलपुर, बस्तर और बकावंड के दफ्तर के साथ खंड शिक्षा कार्यालय दरभा तथा हस्तशिल्प विकास का कार्यालय शामिल है। इन्हें 28 से लेकर 13 अंक तक नंबर मिले हैं। विदित हो कि उत्कृष्ट की श्रेणी के लिए 80 अंक से अधिक, बहुत अच्छा हेतू 60 से 80 अंक, अच्छा हेतू 50 से 60 अंक औसत की केटेगरी में 30 से 50 अंक और खराब की श्रेणी में शून्य से 30 अंक तक पाने वाले दफ्तरों को रखा गया है। कुल 130 अंक अलग-अलग मापदंड के लिए निर्धारित किए गए थे।

इनाम में बंटेगे साढ़े चार लाख रुपये

पुरस्कार के रूप में प्रथम स्थान पर आने वाले दफ्तर को दो लाख, द्वितीय को डेढ़ लाख तथा तृतीय स्थान पर आने वाले दफ्तर को एक लाख रुपये नगद राशि दी जाएगी। अन्य के लिए भी कुछ राशि का प्रावधान पुरस्कार के रूप में किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network