जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य और आर्थिक अनियमितता के लिए बदनाम जल संसाधन विभाग में अफसर मुख्यमंत्री की भी नहीं सुन रहे हैं। इसके चलते अफसरशाही से परेशान विधायक भी निराश हैं। मामला बस्तर ब्लाक में नारंगी नदी पर पौने दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एनीकट के टूटने का है। इस मामले में चार माह पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दरभा ब्लाक के छिंदवाड़ा प्रवास पर जांच और दोषी अफसर-कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे पर अभी तक विभाग द्वारा कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं कराई गई है। आमागुड़ा एनीकट टूटने के मामले को लटकाने पिछले सप्ताह जांच राज्यस्तरीय विभागीय उड़नदस्ता दल को सौंप दी गई है।

बस्तर में विभागीय कामकाज की जांच के मामले में उड़नदस्ता दल का रिकार्ड काफी खराब रहा है। विभागीय अधिकारी ही अब कह रहे हैं कि मामले को लंबे समय तक लटकाने के इरादे से ही जांच कार्यपालन अभियंता स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में गठित उड़नदस्ता दल को सौंपी गई है। बता दें कि तीन माह बाद सेवा से रिटायर होने जा रहे महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता केएस ध्रुव मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांच के लिए दो माह पहले क्षतिग्रस्त आमागुड़ा एनीकट देखने आए थे लेकिन कोई जांच रिपोर्ट उनके द्वारा तैयार नहीं की गई। इधर स्थानीय स्तर पर विभागीय उच्चाधिकारियों ने भी जांच की थी पर यहां भी मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट की बनाई जा सकी है जिसमें निर्माण कार्य कराने वाले सहायक अभियंता को मुख्य दोषी बताया गया है। अफसरों का यह भी कहना था कि एनीकट में पानी कम होने के बाद दोबारा जांच की जाएगी पर अब इस मामले से अफसरों ने हाथ खींच लिया है। यही नहीं जिस जल संसाधन उपसंभाग भानपुरी द्वारा निर्मित आमागुड़ा एनीकट बरसात में बहा है, उन्हीं इंजीनियरों को करीब पांच करोड़ रुपये की नहर लाइनिंग का काम कोसारटेडा में सौंपने की खबर है।

विधानसभा में दिया आश्वासन भी झूठा निकला

आमागुड़ा एनीकट टूटने के मामले को नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाया था। विधायक के सवाल के जवाब में विभाग द्वारा बताया गया कि संबंधित ठेकेदार की कंपनी का पंजीयन एक साल के लिए निलंबित किया जाएगा तथा दोषी इंजीनियरों के विरूद्ध जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक चंदन कश्यप से चर्चा करने पर उनका कहना था कि कोई सुनवाई विभाग में नहीं हो रही है। जब मुख्यमंत्री की नहीं सुनी जा रही है तो उनकी कौन सुनेगा? एनीकट टूटने की घटना के लिए अतिवृष्टि को कारण बताया जा रहा है पर सवाल यह पैदा होता है कि अतिवृष्टि से एक ही एनीकट बार-बार क्यों टूट रहा है?

वर्सन

आमागुड़ा एनीकट टूटने की जांच राज्य स्तरीय विभागीय उड़नदस्ता दल को सौंपी गई है। एनीकट निर्माण से जुड़े सभी जरूरी प्रशासकीय और तकनीकी मामलों से संबंधी दस्तावेज उड़नदस्ता दल को सौंप दिए गए हैं। दल जल्दी ही जांच के लिए आएगा।

- शेख शाकिर, अधीक्षण यंत्री, इंद्रावती परियोजना मंडल जगदलपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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