-यहां मुठभेड़ के बीच वायुसेना के सबसे ज्यादा एयर रेस्क्यू के दर्ज हैं मामले

-सबसे ज्यादा रायगुड़ा, पीडिया और मुनगा मुठभेड़ में किया गया रेस्क्यू

?ोटो-26 जेएजी04 जनवरी 2017 को भट्टीगुड़ा में किए गए एयर रेस्क्यू की तस्वीर।

26जेएजी 05 -तत्कालीन डीआरजी प्रभारी लक्ष्मण केंवट।

नईदुनिया एक्सक्लूसिव

गणेश मिश्रा

बीजापुर। नईदुनिया न्यूज

दुनिया के युद्धग्रस्त अंतरराष्ट्रीय इलाकों के बाद सबसे मुश्किल हालात में वायुसेना के हेलीकॉप्टर बस्तर के वार जोन में लैंड करते हैं। इनमें भी बीजापुर और सुकमा जिले के जंगल सबसे चुनौतीपूर्ण हैं। यहां के जंगलों में कई बार नक्सली हेलीकॉप्टरों पर हमला कर चुके हैं। हालांकि विषम और खतरनाक परिस्थितियों में भी वायुसेना नक्सलवाद से मोर्चा ले रहे जवानों को सकुशल निकालने में सफल हो रही है। बीते एक दशक में कई बार ऐसी नौबत आई जब वायुसेना को ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों के बीच जोखिम उठाकर हेलीकॉप्टर उतारना पड़ा। नक्सलियों से मोर्चा ले रहे जवान जब भी घायल होते हैं, वायुसेना उनकी मदद के लिए निकल पड़ती है। अकेले बीजापुर जिले में ऐसे ही करीब दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं जब नक्सली और जवानों के बीच जंग जारी रही और घायल जवानों को मुठभेड़ स्थल से सुरक्षित निकालने के लिए कठिन परिस्थितियों के बीच मुठभेड़ स्थल पर ही वायुसेना के हेलीकॉप्टर को उतारा गया। वायुसेना की मदद से कई जवानों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया जिससे उनकी जान बच पाई।

मंगलवार को बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान भारी गोलीबारी के बीच वायुसेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया। पीडिया गांव का यह वही इलाका है जहां नक्सलियों ने वर्ष 2008 के चुनाव के दौरान मतदान दल को लेने गए वायुसेना के हेलीकॉप्टर पर उस समय फायरिंग शुरू कर दी जब वह जमीन से ऊपर उठ रहा था। यहां जंगल के बीच एक छोटा मैदान है जो दो ओर से पहाड़ से घिरा है। यहीं नक्सलियों ने मोर्चा लगा रखा था। इसी जगह जवानों और मतदान दल को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर उतारा गया था। उसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग कर दी जिसमे सह पायलट मुस्तफा अली को गोली लगी थी और उनकी मौत हो गयी थी। हालांकि गोलीबारी के बीच पॉयलट हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उड़ा ले गया था।

गोलीबारी के बीच यहां हुई लैंडिंग

मुठभेड़ के बीच 1 अक्टूबर 2014 को मूंनगा के जंगलों में दो बार, 5 जनवरी 2017 को भट्टिगुड़ा में एक बार, अप्रैल 2017 को रायगुड़ा में दो बार, पीडिया में दो बार और 17 अप्रैल 2013 को कवरगट्टा में एक बार वायु सेना के हेलीकॉप्टर को उतारकर घायल जवानों को रेस्क्यू कर निकाला गया था। मुठभेड़ के बीच हेलीकॉप्टर को उतार कर जवानों को सुरक्षित बाहर निकालने में पायलटों की बेहद अहम भूमिका होती है। उनकी सूझबूझ से ही गोलीबारी के बीच घायल जवानों को सुरक्षित निकाला जा सकता है।

आसान नहीं होती लैंडिंग

वर्ष 2017 में बीजापुर डीआरजी की कमान संभालने वाले पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केंवट बताते हैं कि मुठभेड़ के बीच हेलीकॉप्टर को लैंड कराना सबसे बड़ी चुनौती होती है। लैंडिंग के लिए ऐसी जगह का चयन किया जाता है जो सुरक्षित हो। उस जगह को चारों ओर पहले जवानों की सुरक्षा चक्र से घेर दिया जाता है। कोशिश की जाती है कि जहां हेलीकॉप्टर उतारा जाना है वह आसपास कोई पहाड़ी न हो। सुरक्षित जगह मिलने के बाद ही कमांडिंग ऑफिसर हेलीकॉप्टर की मदद लेता है। यह कोशिश भी की जाती है कि हेलीकॉप्टर को घटनास्थल से एक डेढ़ किलोमीटर दूर ही उतारा जाए। हेलीकॉप्टर के साथ गरुड़ कमांडो हथियारों से लैस होकर पहुंचते हैं ताकि जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे। लक्ष्मण केंवट वर्तमान में राजनांदगांव के गातापार थाना के इंचार्ज हैं। उन्हें अदम्य साहस के लिए चार बार राष्ट्रपति पुरस्कार और तीन बार डीजी डिस्क से नवाजा गया है। बीजापुर पोस्टिंग के दौरान उन्होंने अलग-अलग मुठभेड़ों में 41 नक्सलियों को मार गिराया था।

यहां नक्सलियों ने गिरा दिया था चौपर

वर्ष 2012 में सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके के जंगलों ने नक्सलियों ने वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर को गिरा दिया था। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था लेकिन इसमें सवार वायु सेना के जवान हेलीकॉप्टर को छोड़कर पैदल ही चिंतागुफा कैंप चले गए थे। रात भर हेलीकॉप्टर मौके पर पड़ा रहा लेकिन गनीमत यह रही कि नक्सलियों को इसकी खबर नहीं थी। वे तो गोली मारकर भाग गए थे। बाद में वायुसेना के 14 जवानों को कोर्ट मार्शल का सामना करना भी पड़ा था।

वर्सन

हेलीकॉप्टर को मुठभेड़ स्थल पर उतारने से पहले आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे को सुरक्षित किया जाता है। सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही घायल जवानों को रेस्क्यू कर निकाला जाता है। जंगल में ऐसे हालातों में हेलीकॉप्टर उतारना बेहद ही चुनौतीपूर्ण होता है।

-दिव्यांग पटेल, एसपी बीजापुर

Posted By: Nai Dunia News Network