नारायणपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मुख्यालय से तीन किमी दूर गढ़बेंगाल के एक बुजुर्ग व्यक्ति के इलाज को लेकर जिला अस्पताल में गंभीर लापरवाही बरती गई है। बुधवार को सर्दी-खांसी और सांस लेने में तकलीफ पर गढ़बेंगाल के 60 साल के बुजुर्ग रामकृष्ण मिशन आश्रम स्थित अस्पताल पहुंचे थे। वहां मौजूद डॉक्टर ने बुजुर्ग व्यक्ति की बातों को सुनने के बाद बताए गए लक्षणों के आधार पर कोरोना संदिग्ध मानते हुए आश्रम के एंबुलेंस से रेफर पर्ची देते जिला अस्पताल रवाना किया। अस्पताल में बुजुर्ग के रेफर पर्ची को दरकिनार करते हुए ओपीडी से पर्ची बनाकर उन्हें सर्दी-खांसी और पेट दर्द की दवा देकर रवाना कर दिया गया।

नईदुनिया तक मामले की जानकारी पहुंचने के बाद सीएमएचओ और सिविल सर्जन से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में एक भी कोरोना संदिग्ध मरीज नहीं आया है। नईदुनिया के द्वारा संदिग्ध मरीज के बारे में खोज खबर लेने के पर जानकारी मिली कि संदिग्ध मरीज जिला अस्पताल में उपचार कराने के बाद अपने घर लौट गया है। सवाल यह उठ रहा है कि कोरोना संदिग्ध मरीज की न तो स्क्रीनिंग की गई और न ही उसे होम आइसोलेट किया गया। जिला अस्पताल की यह लापरवाही चर्चा में है। संदिग्ध रोगी को खासी, जुकाम की दवा देकर समाज में वापस भेज देना किसी भी सूरत में सही नहीं दिख रहा है। अस्पताल प्रबंधन सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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