जगदलपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) द्वारा निर्धारित बोर्ड परीक्षा की नई प्रणाली के अंतर्गत 12 वीं बोर्ड की टर्म वन की परीक्षा भी शुक्रवार को प्रारंभ हो गई। दसवीं बोर्ड की टर्म वन की परीक्षा 30 नवंबर को शुरू हो चुकी है। 12 वीं बोर्ड की टर्म वन की मुख्य विषयों की परीक्षा 21 दिसंबर तक चलेगी हालांकि संपूर्ण विषयों को मिलाकर परीक्षा 30 दिसंबर को समाप्त होगी।

दसवीं बोर्ड की परीक्षा 11 दिसंबर को खत्म हो रही है। कोविड-19 वैश्विक महामारी आपदा के कारण लगातार पिछले दो शिक्षा सत्रों से स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित रही है। ज्यादातर समय आनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अध्यापन कराया जाता रहा और दसवीं और 12 वीं वार्षिक बोर्ड परीक्षा का परिणाम भी आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तय करना पड़ा था। चालू शिक्षा सत्र 2021-22 में कुछ माह पहले की स्कूल खुले हैं और आफलाइन पढ़ाई भी चल रही है।

दूसरी ओर कोरोना संकट से भी पूरी तरह से अभी उबरा नहीं जा सका है। पिछले दो शिक्षा सत्रों में प्रभावित हुई बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा की पद्धति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई परीक्षा प्रणाली के तहत दसवीं और 12वीं बोर्ड की वार्षिक परीक्षा दो हिस्सों में होगी। टर्म-वन और टर्म-टू में 50-50 फीसद सेलेबस के आधार पर परीक्षा लेने का प्रावधान है।

वर्तमान में दसवीं और 12 वीं की टर्म-वन की परीक्षा की शुरूआत हो चुकी है। टर्म वन में परीक्षा का समय डेढ़ घंटा निर्धारित है। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ हैं। केंद्रीय विद्यालय जगदलपुर के प्राचार्य विकास गुप्ता ने बताया कि टर्म वन की परीक्षा के बाद शिक्षा सत्र के अंत में टर्म-टू की परीक्षा होगी। दोनों टर्म के परिणाम को मिलाकर वार्षिक परीक्षा का परिणाम तैयार करने का प्रावधान किया गया है। नई परीक्षा प्रणाली से विद्यार्थियों पर एक साथ ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।

विद्यार्थियों ने कहा नई प्रणाली कारगर

शहर के निर्मल विद्यालय व केंद्रीय विद्यालय में 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ विद्यार्थियों से चर्चा करने पर उनका कहना था कि कोरोना आपदा के कारण दो साल से बोर्ड कक्षा के विद्यार्थी भी एक तरह से जनरल प्रमोशन पाकर ही उत्तीर्ण हुए हैं। आंतरिक मूल्यांकन अथवा आनलाइन परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में वैसी गंभीरता नहीं होती है जैसी बोर्ड की वार्षिक परीक्षा को लेकर होना चाहिए। विद्यार्थियों ने कहा बोर्ड की परीक्षा का दो बार आयोजन होने से यदि किसी कारण से टर्म-टू की परीक्षा संभव नहीं हो पाती है तो टर्म-वन के परीक्षा परिणाम के अनुसार वार्षिक परीक्षा का परिणाम तय किया जा सकता है। इससे कम से कम बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण होने का भाव मन में नहीं रहेगा। विद्यार्थियों ने कहा कि 12 वीं में पहला पेपर अंग्रेजी का था। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ थे। पेपर समान्य था इसलिए हल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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