जगदलपुर। तीन दिन के बस्तर दौरे पर आए राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के स्वतंत्र निदेशक संजय टंडन ने कहा है कि बस्तर के विकास में नगरनार स्टील प्लांट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्लांट बनकर तैयार है और जो छोटे-छोटे काम बच गए हैं, उन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल्दी की प्लांट से उत्पादन शुरू हो जाए इसके लिए केंद्रीय इस्पात मंत्रालय और एनएमडीसी दोनों लगातार प्रयास कर रहे हैं। स्टील प्लांट के एनएमडीसी से डिमर्जर से सरकारी क्षेत्र की नई प्रस्तावित कंपनी और एनएमडीसी लिमिटेड दोनों को फायदा ही होगा। इस मामले में भ्रम की स्थिति पैदा करने से बचने की जरूरत है।

तीन दिन का दौरा पूरा कर शुक्रवार को नियमित विमान से हैदराबाद रवाना होने से पहले नईदुनिया से खास बातचीत में टंडन ने एनएमडीसी से जुड़े विभिन्ना सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तरवासियों के दशकों पुराने सपने को पूरा करने जा रहा है। तकनीकी के मामले में देश के अत्याधुनिक इस प्लांट को लेकर केवल बस्तर ही नहीं प्रदेश और देश के लोगों को भी बड़ी अपेक्षाएं हैं। अपेक्षाओं को पूरा करने में यह सफल होगा। बस्तर के औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

लक्ष्य स्टील प्लांट को जल्दी से जल्दी शुरू करने

केंद्र सरकार और एनएमडीसी दोनों का लक्ष्य स्टील प्लांट को जल्दी से जल्दी शुरू करने पर है। प्लांट में काम करने वाली कुछ कंपनियों की जिम्मेदारी निभाने में असफलता के कारण निर्माण में विलंब हुआ है। संजय टंडन ने डिमर्जर को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के रूप में एनएमडीसी लिमिटेड का बड़ा नाम है। इसकी साख है और बस्तरवासियों का इस पर विश्वास है।

बचेली-किरंदुल से लेकर बस्तर तक कंपनी ने भी क्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कंपनी को खनन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है। स्टील उत्पादन को लेकर कोई अनुभव नहीं है। डिमर्जर के बाद नई बनने वाली कंपनी में स्टील सेक्टर के निदेशक होंगे और विशेषज्ञता रखने वाले अधिकारी होंगे। इससे नई कंपनी मेकान के साथ मिलकर स्टील प्लांट का बेहतर परिचालन और रखरखाव करने में सफल होगी। इससे एनएमडीसी भी अपने कोर बिजनेस खनन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेगा। डिमर्जर से राजस्व आय के मामले में बस्तर और छत्तीसगढ़ का फायदा होगा।

स्टील प्लांट नहीं देख पाए कोई बात नहीं

संजय टंडन ने कहा कि बस्तर दौरे पर आए थे तो इच्छा थी कि स्टील प्लांट भी देख लेते लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कुछ लोग विरोध कर रहे थे, हम उनसे चर्चा करना चाहते थे लेकिन वे राजी नहीं हुए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता हमने स्टील प्लांट प्रबंधन से चर्चा कर जानकारी हासिल की है। यदि श्रमिक संगठनों से चर्चा होती तो दोनों पक्षों को एक दूसरे को समझने का अवसर मिल जाता। दंतेवाड़ा में किरंदुल-बचेली की लौह अयस्क खनन की औद्योगिक इकाइयों का अवलोकन किया है। उस क्षेत्र में एनएमडीसी के सहयोग से चल रहे परिक्षेत्रीय विकास के कामों को करीब से देखा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्ना क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। रोजगार में स्थानीय लोगों को अधिक अवसर मिलने लगे हैं। नगरनार क्षेत्र में सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल की स्थापना में देरी के बारे में स्थानीय लोगों से शिकायत मिली है। टंडन ने कहा कि प्लांट शुरू हो जाने दीजिए, अस्पताल भी बना दिया जाएगा। स्टील प्लांट से उत्पादन शुरू होने के बाद विकास को लेकर बस्तर क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। केंद्र सरकार और एनएमडीसी दोनों भी यही चाहते हैं कि बस्तर उन्नाति की दिशा में तेजी से आगे बढ़े।

Posted By: Nai Dunia News Network

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