Jagdalpur News : जगदलपुर। केरल में मानसून की दस्तक के साथ ही बंगाल की खाड़ी से हवा में नमी आने लगी है। दोपहर बाद बस्तर अंचल में रोजाना कहीं न कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इसे देखते हुए किसानों ने आगामी रबी की खेती के लिए तैयारी शुरू कर दी है। लॉकडाउन के कारण स्कूली बच्चे घरों में खाली बैठे हैं, वहीं बाहर गए परिवार के सदस्य भी गांव लौट आए हैं। इसकी वजह से प्रारंभिक कृषि में मजदूरों से काम लेने की बजाय किसान सपरिवार हाथ बंटा रहे हैं।

खेतों में सुबह खुर्रा बोनी और धान की नर्सरी तैयार करने का काम जोरों से चल रहा है। इसके बाद दोपहर को किसानों की भीड़ समितियों में खाद-बीज लेने जुट रही है। सहकारी बैंक की शाखाओं में भी बड़ी संख्या में किसान आहरण के लिए पहुंच रहे हैं। किसानों को इस वक्त ट्रैक्टर, खाद-बीज आदि के लिए नगदी की आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हाल ही में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत धान खरीदी की अंतर राशि की पहली किस्त किसानों के खाते में डाले जाने से उनकी परेशानियां दूर हुई हैं। जिले की मुख्य फसल धान है। करीब 95 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है, जिसमें 35 हजार हेक्टेयर में रोपा लगता है।

राजनगर के किसान शिवराम बिसाई ने बताया कि जिन खेतों में मानसून के पूर्व ही पानी भर जाता है, वहां लंबी अवधि के धान की बोनी शुरू हो गई है। किसानों के हाथों में नगदी है इसलिए निजी खाद-बीज दुकानों में नई वैरायटी के खाद-बीज की काफी मांग बनी हुई है। यह ऐसा वक्त है, जिसमें किसान देर नहीं कर सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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