जगदलपुर (अनिमेष पाल)। रूढ़िवादी सामाजिक बेड़ियों को तोड़कर बस्तर के सुदूर अंचल केसरपाल के आश्रित ग्राम नरहनी के युवा किसान निखिल पांडे ने सोमवार को विधवा दिव्या के साथ सात फेरे लिए। उन्होंने सात फेरों के साथ सात वचन तो दिव्या को दिया ही, उनकी सात वर्ष की बिटिया रूचि को अपनाने का वचन भी अलग से दिया। निखिल और दिव्या के इस विवाह का साक्षी पूरा गांव बना। सात साल की बिटिया ने अपने मां को तैयार किया और पूरे समारोह में कौतूहल से अपनी मां को देखते रही। अपने पिता के रूप में निखिल को पाकर अब वह बेहद खुश है। राजनादगांव के भर्रीटोला चिचाड़ी की दिव्या के पति की मौत कोरोना से हो गई थी। बस्तर के ग्रामीण अंचल में अब इस अनूठे विवाह की चर्चा है और सभी निखिल के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

बेटी को देख कर उमड़ा प्यार, तभी विवाह की ठानी-

निखिल बताते हैं कि उनकी भिलाई निवासी बुआ से उन्हें इस रिश्ते के बारे में बता चला था। दोनों परिवार की सहमति के बाद वे दिव्या को देखने राजनांदगांव गए थे। इस दौरान वे उनकी बेटी रुचि से भी मिले। रूचि जैसे प्यारी बेटी को देखकर उनके मन में पितृत्व का भाव उमड़ आया और तभी से उन्होंने दिव्या और रूचि को अपनाने की ठान ली। इसके बाद पारिवारिक सहमति से दोनों का विवाह संपन्ना हुआ। निखिल की पत्नी दिव्या को अब अपने और बेटी के लिए जिंदगी भर का सहारा मिल चुका है। वे कहती हैं, यह शादी उनकी लिए नई जिंदगी की शुरुआत है।

जिद के आगे समाज भी हारा-

निखिल बताते हैं कि समाज व परिवार से इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग मत आ रहे थे। यह सलाह भी मिली कि किसी अन्य युवती से विवाह कर लें परंतु निखिल दिव्या को अपनी पत्नी और रूचि को अपनी बेटी बनाने का मन बना चुके थे। आखिरकार उनकी इस जिद के आगे सभी को झुकना पड़ा और सहमति से विवाह संपन्ना हुआ

Posted By: Vinita Sinha

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