फरसगांव, नईदुनिया न्यूज। बस्तर को प्रदेश की राजधानी से जोड़ने जगदलपुर होकर कोंटा जाने वाली नेशनल हाइवे 30 में दिन - रात दौड़ रहीं बेलगाम बसें रोजाना मौत का तांडव मचा रही हैं। रविवार की सुबह जुगानी कलार के पास एक खड़ी बस को पीछे से दूसरी बस ने जबरदस्त टक्कर मार दी जिससे दो लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई वहीं एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

रायपुर से जगदलपुर जा रही रॉयल ट्रेवल्स की बस क्रमांक सीजी 04 एमएस 8542 सवारी लेने प्रात: 4.45 बजे जुगानी कलार में रुकी। सवारी के साथ एक बोरा सामान था जिसे बस की पीछे की डिक्की में रॉयल बस के हेल्पर संतोष यादव निवासी अंबिकापुर, सवारी जुगानी कलार निवासी पूजा सोलंकी एवं सकुन ठाकुर डाल रहे थे, इसी दौरान उसके पीछे से रायपुर से बैलाडीला जा रही मनीष ट्रेवल्स की बस क्रमांक सीजी 07 एफ 7666 के बस ड्राइवर ने रॉयल के खड़ी बस को पीछे जबरदस्त टक्कर मारी।

टक्कर इतनी तेज थी क्रि रॉयल की बस 10 फीट से भी अधिक आगे खिसक गई और डिक्की में सामान भर रहे हेल्पर संतोष यादव, सवारी जुगानी कलार निवासी पूजा ठाकुर की घटनास्थल पर दर्दनाक मौके पर मौत हो गई वहीं अन्य महिला सवारी सकुन ठाकुर दूर फेंका गई जिसे पीठ, सीना और सिर में गंभीर चोट आई है जिसका उपचार सामुदायिक स्वास्थ केंद्र फरसगांव में इलाज जारी है।

घटना के बाद मनीष ट्रेवल्स का बस चालक मौके से फरार हो गया। घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्मार्टम के लिए फरसगांव लाया और दोनों बसों के सवारियो को पीछे से आ रही अन्य बसों मे भेजा गया। सड़क में खड़ी दोनों दुर्घटनाग्रस्त बसों को थाना में लाया गया। थाना में मनीष ट्रेवल्स के फरार बस चालक के खिलाफ धारा 279, 337, 304 एक के तहत अपराध दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।

बसों के संचालन में लापरवाही के चलते बढ़ रहे है हादसे

प्रदेश की राजधानी से बस्तर संभाग और ओडिशा की ओर चलने वाली बसों के संचालन में लगातार लापरवाहियों के चलते हाइवे पर हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है साथ ही दुर्घटनाओं में मरने वालों और घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है इस ओर शासन और प्रशासन की नजर नही पड़ रही है। बसों के संचालन में लंबी दूरी में भी मात्र एक बस चालक द्वारा चलाया जाता है।

सीजन में ओवर टाइम काम भी हो रहा है। वही बसों में अनेकों लाइट लगी रहती है देर रात तक सफर और वाहनों में लगी अत्याधिक रोशनी के चलते दुर्घटना होती है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत किसी भी बसों का संचालन नही किया जाता है और कोई कार्यवाही नही होने के चलते दुर्घटना घटती है।