जगदलपुर। नगरनार स्टील प्लांट प्रभावित क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय संगठन ने विद्यालय (केंद्रीय विद्यालय) का संचालन करने से इन्कार कर दिया है। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने स्टील प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों-अधिकारियों के बच्चों के अध्ययन के लिए यहां करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया है। भवन का निर्माण छह माह पहले पूरा हो चुका है। स्टील प्लांट प्रभावित क्षेत्र में प्लांट से दो किलोमीटर दूर स्थित एनएमडीसी आवासीय कालोनी (टाऊनशिप) में विद्यालय का संचालन करने एनएमडीसी ने केंद्रीय विद्यालय संगठन को प्रस्ताव दिया था।

मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन ने विद्यालय का संचालन करने से इन्कार कर दिया है। एनएमडीसी के अधिकारियों से चर्चा करने पर कोई ठोस कारण नहीं बताया, लेकिन केंद्रीय विद्यालय संगठन से सहमति नहीं मिलने की बात स्वीकार की। जिसके बाद एनएमडीसी ने अब देश के कुछ प्रतिष्ठित निजी विद्यालय संगठनों से संपर्क साधा है। विद्यालय का संचालन शुरू करने को लेकर चर्चा चल रही है।

ज्ञात हो कि सात माह पहले इसी साल जनवरी में केंद्रीय विद्यालय संगठन की तीन सदस्यीय टीम जिसमें विनोद कुमार उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन रायपुर संभाग, विकास गुप्ता प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय जगदलपुर और देवनारायण सहायक अभियंता सीपीडब्ल्यूडी शामिल थे, चोकावाड़ा में विद्यालय भवन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण टीम ने भवन में सुविधाओं के विस्तार को लेकर कुछ सुझाव दिए थे।

तब भरोसा दिलाया गया था कि टीम की रिपोर्ट केंद्रीय विद्यालय संगठन दिल्ली को भेज दी जाएगी और उम्मीद है कि केंद्रीय विद्यालय का संचालन शिक्षा सत्र 2022-2023 से प्रारंभ कर दिया जाएगा। नईदुनिया ने निरीक्षण टीम के दौरे को लेकर चोकावाड़ा में केंद्रीय विद्यालय तैयार, आगामी शिक्षा सत्र से शुरू हो जाएगी पढ़ाई शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।

30 जुलाई को सेवानिवृत्ति से दो दिन पहले अधिशासी निदेशक स्टील प्लांट प्रशांत दास से चर्चा करने पर उन्होंने नईदुनिया को बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा नगरनार क्षेत्र में विद्यालय का संचालन करने अभी तक सहमति नहीं दी गई है। इसलिए निजी विद्यालय संगठनों से संपर्क साधा गया है।

केंद्रीय मंत्री ने की थी विद्यालय खोलने की घोषणा

तीन सितंबर 2008 को तत्कालीन केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान (वर्तमान में स्वर्गीय) स्टील प्लांट की आधारशिला रखने नगरनार आए थे। यहां मंच से उन्होंने नगरनार में सर्वसुविधायुक्त विद्यालय खोलने की घोषणा की थी। 17 अगस्त 201 को तत्कालीन केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने नगरनार दौरे पर चोकावाड़ा में डीएव्ही आवासीय विद्यालय का शुभारंभ किया था। जिसका संचालन एनएमडीसी के लिए डीएव्ही कर रहा है। वीरभद्र सिंह ने तब घोषणा की थी कि स्टील प्लांट शुरू होने पर केंद्रीय विद्यालय खोला जाएगा।

बचेली किरंदुल में केंद्रीय विद्यालय का संचालन

एनएमडीसी की देश की सबसे पुरानी औद्योगिक इकाई दंतेवाड़ा बचेली और किरंदुल लौह अयस्क उत्पादन परियोजना में एनएमडीसी के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। बताया जाता है कि बचेली में केंद्रीय विद्यालय के संचालन को चार दशक से अधिक समय हो गया है। किरंदुल में भी केंद्रीय विद्यालय काफी पुराना है। इसके अलावा यहां एनएमडीसी कुछ और विद्यालयों का भी संचालन कर रहा है। जहां कंपनी के कर्मचारियों-अधिकारियों व प्रभावित इलाकों के बच्चें पढ़ाई करते हैं।

बच्चों की पढ़ाई के लिए भटक रहे अधिकारी कर्मचारी

एनएमडीसी स्टील प्लांट में वर्तमान में कर्मचारियों-अधिकारियों की संख्या सात हजार से अधिक हो चुकी है। यहां शिक्षा की अच्छी व्यवस्था नहीं होने से अधिकारी-कर्मचारी बच्चों की पढ़ाई के लिए भटकने को विवश हैं। कई अधिकारी-कर्मचारी एनएमडीसी आवासीय कालोनी में न रहकर बच्चों की पढ़ाई के लिए जगदलपुर शहर में निवास कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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