Jagdalpur News: जगदलपुर। लोग अपने संतान के लिए नाना प्रकार के दुख-दर्द भोगकर उनकी परवरिश करते हैं पर वहीं संतान जब उन्हें पुस्तैनी घर से निकालने के लिए आमादा हो जाए तो उन्हें नर्क का अहसास होता है। ऐसा ही फिल्मी कथानक वास्तव में शहर के बालाजी वार्ड में देखने को मिला। बरसों से पुस्तैनी मकान में रह रहे बालाजी वार्ड निवासी घनश्याम दास गोयल को इंदौर निवासी उनके भतीजे ने दो सितंबर को छह गुंडे बुलाकर घर से निकाल दिया। उनका सामान फेंक दिया। बुजुर्ग घनश्याम गोयल भतीजे के सामने गिड़गिड़ाते रहे पर निष्ठुर भतीजा नहीं माना।

घनश्याम दास गोयल ने बताया कि बता दें कि गोयल बाड़ा उनका पुश्तैनी मकान है, जिसमें वह बरसों से रह रहे हैं। उनकी बेदखली के लिए उनका भाई व भतीजा लगातार प्रयास कर रहा है। इस बारे में उन्होंने कलेक्टर को अर्जी भी दी है।

घनश्याम दास गोयल ने बताया कि मकान उनकी माता के नाम से है। इस मकान को लेकर हाईकोर्ट ने यथास्थति बहाल करने का आदेश दिया था। बीते दो सितंबर को उनका भतीजा आकाश गोयल आधे दर्जन गुंडों के साथ पहुंचा और उनका सामान फेंक दिया। उनके साथ मारपीट करते हुए बलपूर्वक घर से निकाल दिया। वहीं घर के भीतर रखे जेवरात आदि भी रख लिए।

गोयल ने बताया कि वे इसकी फरियाद लेकर कोतवाली पहुंचे पर पुलिसवालों ने एफआईआर लिखने से इंकार करते लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही। पुलिस न तो जांच के लिए मौके पर पहुंची और न ही बुजुर्ग को किसी प्रकार की राहत पहुंचाई। गौरतलब है कि इसी कोतवाली थाने में पूर्व में किराएदार को जबरन निकालने के मामले में मकान मालिक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। इस मसले पर पुलिस की संवेदनशीलता समझ से परे है।

वरिष्ठ अधिवक्ता एके शर्मा ने कहा कि मकान में निवासरत व्यक्ति को बलपूर्वक निकाला जाना गैर कानूनी है। यदि वह दो माह पूर्व से भी निवास कर रहा हो तो उसे बलपूर्वक निकालने पर सीआरपीसी की धारा 145 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर नगर दंडाधिकारी के समक्ष प्रकरण पेश किया जाना चाहिए।

सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि मामला पुलिस ने संज्ञान में लिया है। आवेदक के शिकायत आवेदन में उल्लेखित आरोपों की जांच उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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