जगदलपुर (नईदुनिया न्यूज)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने पांच दिवसीय हड़ताल में शामिल रहे शासकीय सेवकों की सर्विस ब्रेक करने और अवैतनिक करने की कार्रवाई के शासन के आदेश को दमनात्मक निर्णय बताया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों संभागीय (बस्तर संभाग) संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव, संभगाीय प्रभारी कैलाश चौहान व जिला संयोजक आरडी तिवारी ने शनिवार को यहां एक संयुक्त बयान जारी कर प्रदेश सरकार के आदेश की निंदा की है।

पदाधिकारियों का कहा कि सरकार की दमनात्मक कार्रवाई से शासकीय सेवक डरने वाले नहीं है। सरकार कार्रवाई का भय दिखाकर जायज मांग को ठुकरा नहीं सकती। केंद्र के समान दर पर मंहगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता पुनरीक्षण की मांग यदि गलत है तो सरकार बताना चाहिए कि मांग उचित नहीं है।

देश के अधिकांश राज्य केंद्रीय दर पर मंहगाई भत्ता अपने शासकीय सेवकों को दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में केवल मंहगाई भत्ता की दर में कमी के कारण शासकीय सेवकों को हर माह हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बयान में सरकार के कदम की कड़ी आलोचना की गई है। बयान में पदाधिकारियों ने आगे कहा कि पांच दिनों से तहसील और जिला मुख्यालयों में कर्मचारी अधिकारी सड़क पर दो सूत्रीय मांगो को लेकर प्रदर्शन करते रहे लेकिन सरकार ने फेडरेशन से बात करके कोई रास्ता निकालने की कोशिश नहीं की।

हड़ताल के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के समस्त 31 जिला मुख्यालयों में कर्मचारियों की भीड़ देख सरकार घबरा गई है। आगे के अनिश्चितकालीन आंदोलन को कमजोर करने की यह नई साजिश रची जा रही है। इससे हम डरने वाले नहीं हैं। पहले भी आंदोलन में सरकारें इस प्रकार के पत्र जारी करती रही है। अब कर्मचारी दुगने उत्साह के साथ अनिश्चितकालीन आंदोलन में उतरने को तैयार हैं।

मांगे पूरी नहीं होने पर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन करेगा अनिश्चितकालीन आंदोलनः केदार जैन

पांच दिवसीय आंदोलन के अंतिम दिवस जिला स्तरीय महा धरना रैली में विशाल सभा को संबोधित करते कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संगठन मंत्री व छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केदार जैन ने कहा छत्तीसगढ़ के इतिहास में इतना बड़ा आन्दोलन कभी नही हुआ। महंगाई भत्ता व सातवें वेतन के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता को लेकर पहली बार कर्मचारी अधिकारी लामबंद हुए हैं ।

इतिहास गवाह है जब जब कर्मचारी सरकार से नाराज होते हैं तो सत्ता वापसी मुश्किल हो जाती है। कर्मचारियों की एकजुटता एक चुनौती होती है। केदार जैन ने सरकार से मांग करते कहा कि महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता की लंबित मांग को पूरा कर दीजिए 15 दिनों का समय है। उसके बाद भी मांगे पूरी नहीं होती तो प्रदेश के समस्त कर्मचारी अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने विवश हो जाएंगे।

फेडरेशन के जिला संयोजक नीलकंठ शार्दूल ने सभा को संबोधित करते कहा आप सभी ने धैर्य एवं अनुशासित ढंग से पांच दिनो तक हड़ताल में रहकर अपनी मांगे मनवाने प्रयास किया सरकार ने इसे हल्के में लिया है आने वाले समय में आप सबके सहयोग से निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।

रैली में प्रमुख रूप से निर्मल शार्दूल, शिवराज सिंह ठाकुर, यशवंत देवांगन, आत्मा राम तलवार, कौशल नेताम, रामदेव कौशिक, भुनेश्वर पुजारी, श्रीराम कश्यप,सखा राम वट्टी, श्रीनिवास नायडू, रोशन हिरवानी, जयलाल पोयाम,चमन वर्मा, बलराम निषाद, संजय ठाकुर,बीएस ठाकुर,लक्ष्‌मण शोरी, डमरू मरकाम, महेश पटेल, दीपक प्रकाश, जीवन पांडे,चमरु पोयाम, यशवंत बघेल,बीसन पोयाम,सुभाऊ नेताम श्रवण मरकाम,सुकमन नेताम सहित हजारों की संख्या में कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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