जगदलपुर। राज्य शासन द्वारा शिक्षक व प्रधान अध्यापक के रिक्त पदों को पदोन्नाति से भरने दिए गए निर्देश को बस्तर संभाग के जिला शिक्षा अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। पदोन्नाति के लिए शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रारंभिक वरिष्ठता सूची में व्यापक विसंगति व त्रुटियां सुधारने में जिला शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही का ही परिणाम है कि अंतिम वरिष्ठता सूची में भी विसंगतियां बनी हुई है। इसे लेकर संयुक्त संचालक ने गहरी नाराजगी जताई है।

अंतिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन संयुक्त संचालक शिक्षा (बस्तर संभाग) कार्यालय से 20 जनवरी को कर दी गई लेकिन सूची जारी होते ही एक बार विसंगतियों को लेकर विवाद सामने आने लगे। इस पर कड़ा रूख अपनाते हुए संयुक्त संचालक हेमंत उपाध्याय ने शुक्रवार को संभाग के सभी सातों जिलों कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर 22 जनवरी की शाम पांच बजे तक अंतिम वरिष्ठता सूची की त्रुटियां सुधारने व छूटे हुए नामों को शामिल करने का अवसर दिया है।

बताया गया कि इसके बाद भी यदि वरिष्ठता सूची में विसंगति बरकरार रहती है तो इसके लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। संयुक्त संचालक ने शिक्षकों से जुड़े विभिन्ना कर्मचारी संगठनों व व्यक्तिगत तौर पर सामने आई शिकायतों के आधार जिला शिक्षा अधिकारियों को विसंगति से जुड़ी बिंदुवार जानकारी भी प्रेषित की है। ज्ञात हो कि राज्य शासन ने शिक्षकों की पदोन्नाति के लिए पांच साल के अनुभव की बाध्यता को वन टाइम रिलेक्शेसन देकर तीन साल करते हुए 31 जनवरी तक पदोन्नाति की प्रक्रिया पूरी करने समयसीमा तय की है।

संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा इसके लिए बीते 15 दिनों से लगातार काम किया जा रहा है लेकिन जिला शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से शिक्षक संगठन नाराज चल रहे हैं। हर दिन कोई न कोई संगठन संयुक्त संचालक कार्यालय पहुंचकर शिकायत के साथ सुझाव दर्ज करा रहा है। संयुक्त संचालक हेमंत उपाध्याय से ने नईदुनिया से कहा कि पारदर्शी तरीके से समयसीमा में पदोन्नाति की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जा रही है। अंतिम वरिष्ठता सूची में विसंगतियां सामने आने पर सुधार के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर एक और अवसर दिया गया है। इसके बाद भी यदि त्रुटियां प्रकाश में आती हैं तो इसके लिए जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पीटीआइ भी वरिष्ठता सूची में शामिल

संयुक्त संचालक कार्यालय से दस से अधिक बिंदुओं का उल्लेख करते हुए जानकारी जमा कराने का निर्देश दिया गया है। इनमें कुछ बिंदु निम्नानुसार हैं :-

0- अंतिम वरिष्ठता सूची में कई शिक्षकों का नाम छूट गया है। इस संबंध में अंतिम अवसर देते हुए 22 जनवरी तक छूटे हुए शिक्षकों का नाम जोड़कर संशोधित सूची जमा कराई जाए।

0- वरिष्ठता सूची में पीटीआइ का नाम भी जोड़ा गया है जबकि उनकी अलग वरिष्ठता सूची जारी की जानी है। शिक्षक एलबी संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची से पीटीआइ का नाम हटाने को कहा गया है।

0- शिक्षक एलबी वरिष्ठता सूची में कालम 17 व 19 में एक ही तिथि दर्ज किया जाना था किंतु दंतेवाड़ा, बीजापुर व कांकेर जिले से प्रेषित सूची में अलग-अलग तिथियां अंकित करने से शिक्षकों के वरिष्ठता क्रम में त्रुटियां सामने आई हैं।

0- सूची में कई शिक्षकों का विषय दूसरा अंकित हो गया है। विज्ञान को कला और गणित को विज्ञान दर्शाया गया है।

0- कुछ जिले में शिक्षकों के विभाग की गलत जानकारी दर्ज की गई है। ई संवर्ग व टी संवर्ग के शिक्षक एलबी से जुड़ी जानकारी सही-सही अंकित कर सूची अपडेट करने कहा गया है।

0- कई जिलों में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी सही अंकित नहीं की गई हैं।

0- जिला शिक्षा कार्यालयों में प्रेषित दावा-आपत्ति का उचित निराकरण नहीं करने की शिकायत कतिपय शिक्षक संगठनों द्वारा की गई है।

0- संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा पदोन्नाति की प्रक्रिया के लिए समयसीमा में आवश्यक जानकारी जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगी गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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