जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक वृक्षों के संरक्षण के लिए यह अभिनव पहल की है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पेड़ पौधों की कमी का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। हमारे पारंपरिक वृक्ष पर्यावरण के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, तथा इन पेड़ पौधों को विलुप्त होने से बचाना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ शासन की इस अभिनव पहल से निश्चित रूप से इन वृक्षों को संरक्षित किया जा सकेगा ।

आने वाली पीढ़ी भी इनके महत्व को समझ सकेगी। उक्त बातें संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जगदलपुर के कंगोली में कृष्ण कुंज के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने इस अवसर पर कृष्ण कुंज में मौलश्री का पौधा लगाया। इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि उन्होंने नागरिकों से अपने पर्यावास के आसपास खाली भूमि पर वृक्षारोपण की अपील भी की। महापौर सफीरा साहू ने कहा कि पर्यावरण की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने आजादी के अमृत उत्सव पर कृष्ण कुंज बनाने की घोषणा की है। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर यह साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पारंपरिक वृक्षों के महत्व को देखते हुए इन्हें रीति रिवाजों में भी शामिल किया गया है।

मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक वृक्षों से सुसज्जित यह उद्यान लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल बनेगा। यह लोगों को जीवन में वृक्षों के महत्व से भी अवगत कराएगा। कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि वृक्षारोपण पुण्य का कार्य है। इससे जनता में पर्यावरण के साथ ही जल, जंगल और जमीन के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी। वन मंडलाधिकारी डीपी साहू ने बताया कि यहां एक एकड़ क्षेत्रफल में विकसित कृष्ण कुंज में बरगद, पीपल, नीम, कदम्ब, आम, आदि पारंपरिक और जीवनोपयोगी पौधे लगाए गए हैं। कार्यक्रम में वन विभाग और नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी के साथ ही बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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