सुकमा। हम जनता के हक की लड़ाई लड़ते हैं, चुनाव आते जाते रहेंगे और जीत-हार को लेकर हम लोग ज्यादा नहीं सोचते, लेकिन बात आदिवासियों के हक की हो तो लड़ाई जरूर लड़ेंगे। सिलगेर में हुई गोलीकांड की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। वहीं सरकार कहती है कि वहां नक्सलियों के सहयोग से आंदोलन हो रहा है, सड़कें बनने नहीं दी जा रही है और दोरनापाल से जगरगुंडा सड़क बनने से किसने रोका है। छिंदगढ़ व जगदलपुर के बीच सड़क बनने से किसने रोका है। हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उक्त बातें आदिवासी नेता मनीष कुंजाम ने सिलगेर से निकली पदयात्रा में कही।

सोमवार सुबह 11 बजे सिलगेर से निकली पदयात्रा जिला मुख्यालय पहुंची। आतिशबाजी के साथ पदयात्रा का स्वागत किया गया। मिनी स्टेडियम में पदयात्रा सभा में तब्दील हो गई। यहां जिलेभर से आए हजारों ग्रामीण एकत्रित हुए। सभा को सीपीआइ नेता रामासोड़ी, आराधना मरकाम, महेश कुंजाम ने संबोधित किया और पदयात्रा के उद्देश्यों को लेकर स्थानीय भाषा में जानकारी दी।

आदिवासी महासभा व सीपीआइ नेता मनीष कुंजाम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पेशा कानून लागू किया, लेकिन वह किसी काम का नहीं है। पेसा को लेकर जो नियम-कायदे बनने थे वो नहीं बने। साथ ही उन्होंने कहा कि आज पढ़ा-लिखा आदिवासी युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। जैसे नक्सलियों से लड़ने के लिए बस्तर फाइटर में भर्ती किया जा रहा है, ठीक वैसे ही नियम बनाकर शिक्षक भर्ती में रोजगार दिया जाए। अन्यथा सरकार का हर जगह विरोध होगा।

उन्होंने कहा की सरकार की कमजोरी के कारण आरक्षण में कटौती हुई है। 12 सूत्री मांग का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञात हो कि 20 सिंबर से पदयात्रा सिलगेर से शुरू हुई थी जो विभिन्ना इलाकों से होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची। इस दौरान सुधराम कुंजाम, जयप्रकाश नेताम, शंकर राव, के शाही, भीमसेन मंडावी, समन कुंजाम आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close