जगदलपुर। केरल में मानसून पहुंच गया है। बस्तर में इसकी प्रतीक्षा की जा रही है। यह तीन दिन देर से केरल पहुंचा है। केरल में मानसून निर्धारित अवधि एक जून को मानसून सामान्य चाल में पहुंच जाता है, तो बस्तर में इसके प्रवेश कि तिथि 10 जून के आसपास मानी जाती है। मानसून बस्तर में पिछले साल 12 जून को प्रवेश कर गया था।

पिछले दो-तीन सालों से देखा जा रहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून बस्तर से होते हुए राजधानी रायपुर तक पहुंच जाती है पर अपेक्षित बारिश नहीं होती। जुलाई महीने में जब अरब सागर से पश्चिमी मानसून की अंचल में दस्तक होती है तो पर्याप्त बारिश होती है। बस्तर के लोग बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में होने वाले हलचल पर ही निर्भर रहते हैं। नवतपा के आखरी दिन बुधवार और उसके दूसरे दिन गुरुवार को अंचल में फुहारें पड़ी पर इसके बाद तेज गर्मी व उमस से लोग हलाकान हैं।

जगदलपुर में सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 33.5 तथा न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेंटीग्रेड रिकार्ड किया गया। इस बीच मौसम विभाग ने कहा है कि 11 जून को बंगाल की खाड़ी में एक कम दवाब का क्षेत्र बनेगा जो मानसून को आगे बढ़ाएगी जिसके प्रभाव से 11 जून से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएगी। वैसे रायपुर में मानसून पहुंचने की निर्धारित तिथि 15 जून मानी गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के रायपुर केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि 11 जून के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास एक कम दबाव क्षेत्र का बनने करने की संभावना है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के अधिकांश हिस्सों और बिहार के कुछ हिस्सों में दो दिनों के दौरान आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में 11 जून को अच्छी बारिश की संभावना जताते बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों के लिए यलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना

एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से साउथ बिहार गंगेटिक पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। प्रदेश में काफी मात्रा में नमी आ रही है इसके कारण प्रदेश में मंगलवार को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इस दौरान अंधड़ चलने तथा आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। वर्षा का मुख्य क्षेत्र सरगुजा संभाग और बस्तर संभाग ही रहने की संभावना है। शेष हिस्से में हल्की वर्षा हो सकती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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