बीजापुर/दंतेवाड़ा। छत्‍तीसगढ़ में नक्‍सलियों एक बार फिर जमकर उत्‍पात मचाया है। नक्‍सलियों ने बीजापुर और दंतेवाड़ा में दो अलग-अलग वारदात को अंजाम दिया है।

बीजापुर जिला मुख्यालय से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कैंप के लिए रविवार शाम को राशन और सब्जी भरकर जा रहे पिकअप वाहन को लूटकर नक्सलियों ने वाहन में आग लगा दी। तर्रेम थाना क्षेत्र के सारकेगुड़ा सीआरपीएफ कैंप के दो किलोमीटर पहले शाम चार बजे नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कुछ देर बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस व सीआरपीएफ की संयुक्त टीम जिला मुख्यालय के अलावा बासागुड़ा व सारकेगुड़ा से घटनास्थल के लिए रवाना की गई जिसकी देर शाम समाचार लिखे जाने तक सुरक्षा बलों की वापसी नहीं हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार बीजापुर से दोपहर एक बजे पिकअप वाहन राशन और सब्जी लेकर कोबरा 210 और सीआरपीएफ कैंप पेगडापल्ली कैंप 153 के लिए निकला था।

रास्ते में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने पिकअअप वाहन के पहुंचते की रोक लिया। ड्राइवर अमरजीत का मोबाइल छीनकर उसके आंख में पट्टी बांध दी और इसके बाद राशन व सब्जी लूटकर वाहन में आग लगा दी। वाहन मालिक ने बताया कि करीब ढाई लाख रुपये का राशन व सब्जी लोड थी। कुछ दैनिक उपयोग की सामग्री भी थी। घटना में 15-20 सशस्त्र नक्सलियों के शामिल होने की बात बताई गई है।

एक माह पहले भी लूटे थेः विदित हो कि एक माह पूर्व इसी मार्ग पर नक्सलियों ने बस में सीआरपीएफ कैंपों के लिए भेजी गई राशन से भरी बोरियां लूट ली थी। घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक अंजनेय वाष्णैय ने बताया कि सर्चिंग तेज कर दी गई है।

नक्सलियों ने ट्रेन खड़ी करा ड्राइवर गार्ड की वाकीटाकी छीनी

छत्‍तीसगढ़ के किरंदुल-कोत्तावालसा रेलमार्ग पर किरंदुल रेलखंड के बचेली-भांसी स्टेशन के बीच रविवार देर शाम नक्सलियों ने मालगाड़ी को खड़ी कराकर ड्राइवर गार्ड का वाकीटाकी छीन ली। पौने छह बजे हुई इस घटना में 20 से 25 की संख्या में सशस्त्र नक्सली शामिल थे।

घटना के संबंध में मिली जानकारी में बताया गया कि मालगाड़ी (केवीएस-11) किरंदुल से लौह अयस्क भरकर विशाखापटनम जा रही जा रही थी। रास्ते में ड्राइवर ने भांसी से पहले (किलोमीटर नंबर 433) रेलमार्ग के बीचोबीच लाल बैनर बंधा देख आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन के खड़ी होते ही पास जंगल में छिपे नक्सली सामने आ गए। ड्राइवर व सहायक ड्राइवर को इंजन से नीचे उतरने को कहा। इनके नीचे उतरते ही दोनों का वाकीटाकी छीन लिया।

कुछ नक्सली इंजन में बैनर बांधने लगे तो कुछ ने ट्रेन के पीछे गार्ड के पास के पास जाकर उसका वाकीटाकी भी छीन लिया। घटना को अंजाम देने के बाद ड्राइवर-गार्ड को नक्सली पर्चे थमाकर वापस जंगल में लौट गए। घटना के बाद ड्राइवर ने ट्रेन को भांसी स्टेशन लाने के बाद स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दी। घटना के बाद दंतेवाड़ा-किरंदुल के बीच करीब 50 किलोमीटर में रेल आवागमन रोककर रेलमार्ग पर पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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