NMDC In Jagdalpur News: जगदलपुर। नगरनार स्टील प्लांट में अनुबंध पर काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा में दो साल की वृद्धि कर दी गई है। इन अधिकारियों- कर्मचारियों की संख्या साढ़े सात सौ के आसपास है। देश के विभिन्‍न स्टील प्लांटों में काम करने का अनुभव रखने वाले इन अधिकारियों-कर्मचारियों को जनवरी से मार्च 2019 के बीच तीन साल के अनुबंध पर नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी दी गई थी।

स्टील प्लांट के परिचालन में इनके अनुभव को देखते हुए राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने इनकी सेवा अवधि का अनुबंध दो साल के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सेवा में वृद्धि के बाद कर्मचारी-अधिकारी अब 2024 तक यहां कार्यरत रह सकेंगे। ये कर्मचारी अधिकारी भिलाई स्टील प्लांट, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड, नीलांचल स्टील, जिंदल स्टील आदि में काम कर चुके हैं।

विदित हो कि अगले साल मार्च तक नगरनार स्टील प्लांट की कमीशनिंग (परिचालन शुरू करने) की योजना है। कमीशनिंग के आवश्यक संख्या में तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों-कर्मचारियों की नगरनार स्टील प्लांट में काफी कमी है। एनएमडीसी ने स्टील प्लांट के निर्माण में सहयोगी तकनीकी सलाहकार कंपनी मेकान को परिचालन के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है।

इस्पात मंत्रालय के अधीन सरकारी कंपनी

मेकान भी एनएमडीसी की ही तरह सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात मंत्रालय के अधीन सरकारी कंपनी है। दोनों कंपनियों के बीच परिचालन के लिए भी जल्दी ही अनुबंध किए जाने की संभावना है। स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक प्रशांत दास ने बताया कि अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों की सेवा दो साल बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि आगामी छह माह से एक साल तक का समय स्टील प्लांट की कमीशनिंग के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण हैं।

अनुबंधितों को नियमित कर्मचारियों की सुविधा नहीं

अनुबंधित कर्मचारियों को कंपनी के नियमित कर्मचारियों के समान सुविधा नहीं दी जाती है। अनुबंधित कर्मचारियों को वेतन के अलावा केवल आठ फीसद की दर से मकान भाड़ा मिलता है। इन्हें साल भर में केवल 12 दिन के आकस्मिक अवकाश की पात्रता है, अर्जित अवकाश की पात्रता नहीं दी गई है। अनुबंध पर ही काम कर रहे करीब 20 अधिकारी ऐसे हैं जिन्हें कंपनी के नियमित अधिकारियों के समान सुविधा दी जा रही है।

नगरनार स्टील प्लांट के डीमार्जर के बाद भी सभी श्रेणी के अनुबंधित कर्मचारियों-अधिकारियों की सेवा जारी रखी जा सकेगी। ज्ञात हो तीन साल पहले जब अनुबंध किया था तब करीब आठ सौ अधिकारी-कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग दी थी। स्टील प्लांट के डीमार्जर और विनिवेशीकरण की चर्चा शुरू होने के बाद दो दर्जन से अधिक कर्मचारी अधिकारी नौकरी छोड़कर दूसरी कंपनी में जा चुके हैं।

प्लांट की कमीशनिंग के बाद लगेंगे हजारों कर्मचारी

स्टील प्लांट की कमीशनिंग जोखिम भरा काम होने से सुरक्षा नियमों को देखते हुए एनएमडीसी और मेकान को स्टील प्लांट चलाने के लिए अनुभवी तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए शुरूआत में सरकारी क्षेत्र के भिलाई स्टील और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के विशाखापट्टनम स्टील प्लांट से दक्ष इंजीनियरों को अनुबंध पर बुलाया जा सकता है। स्टील प्लांट की कमीशनिंग के बाद प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 25 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी व श्रमिकों की जरूरत पड़ेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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