जगदलपुर। शहर में अवैध सूदखोरों का कारोबार बरसों से फल-फूल रहा है। इनके द्वारा जरूरतमंद गरीब वर्ग के लोगों समेत कर्मचारियों और खासतौर पर जुए-सट्टे के व्यसनी लोगों को शिकार बनाया जाता है। ब्याज के इन अवैध कारोबारियों द्वारा बैंक के ब्याज दरों से कई गुना अधिक यानी सालाना 120 से 240 फीसद ब्याज पर रकम दिया जाता है। इनके चंगुल में फंसे व्यक्ति जेवर घर बेचने मजबूर हो जाते हैं। शहर में बीते तीन साल में चार युवकों ने सूदखोरों के आतंक के चलते आत्महत्या कर ली है।

ज्ञात हो कि जिला प्रशासन में महाजनी लाइसेंसधारी व्यक्तियों की एक से दो की ही संख्या बताई जाती है जबकि दर्जनों के संख्या में लोग अवैधानिक रूप से ब्याज का धंधा कर रहे हैं। इन पर पुलिस व प्रशासन की नकेल नहीं है। दो दिन पहले ही कालीपुर निवासी युवक से ब्याज की राशि नहीं लौटा पाने पर सूदखोरों ने उसके घर में घुसकर बुरी तरह मारपीट की थी।

घटना से उसे गंभीर चोट आई। वर्तमान में वह रायपुर में उपचार करवा रहा है। सूत्र के अनुसार अधिकतर सूदखोरों द्वारा शासकीय कर्मचारियों का एटीएम भी गिरवी रख लिया जाता है। ब्याज की राशि वे हर माह निकाल लेते हैं। इसी प्रकार भारी-भरकम ब्याज जब उधार लेने वाले व्यक्ति पर चढ़ जाता है तो सूदखोर उन्हें बुरी तरह डराते-धमकाते हैं। फलस्वरूप कर्ज लेने वाले को मकान व जेवर आदि बेचकर रूपया चुकाना पड़ता है। पुलिस भी महाजनी एक्ट के तहत ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं करती है।

सबसे आसान शिकार जुए-सट्टे के शौकीन

शहर में बड़े पैमाने पर क्रिकेट में लगने वाला आनलाइन सट्टा समेत मुबंई व कल्याण से संचालित होने वाला 12 मासी सट्टा तथा जुए में रूपया लगाया जाता है। इसमें अधिकतर रसूखदार परिवारों के युवक भी शामिल हैं। बड़ी धनराशि हारने पर यह सूदखोरों से भारी-भरकम ब्याज पर कर्ज लेते हैं। इस प्रकार सूदखोरों के जाल में फंस जाते हैं। अवैधानिक प्रयोजन के लिए उधार लेने पर यह कानूनी मदद भी नहीं ले पाते हैं।

दो साल पहले शहर के धरमपुरा निवासी युवक ने सट्टे में रकम हारने के बाद दो लाख रुपये कर्ज लिया था। मोटरसायकल व सोने का चैन बेचकर भी जब रकम अदा नहीं कर सका तो सूदखोर की प्रताड़ना से तंग आकर उसने फांसी लगा ली थी। इसी प्रकार संतोषी वार्ड निवासी युवक, ठाकुर रोड व अनुपमा चौक निवासी युवक ने भी सट्टे में बड़ी रकम हारने व ब्याज के कुचक्र में फंसकर खुदकुशी कर ली थी।

शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी

अधिक ब्याज वसूलने तथा प्रताड़ित करने जैसी घटनाओं में पीड़ित पक्ष से शिकायत आवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हेमसागर सिदार, डीएसपी क्राइम

Posted By: Nai Dunia News Network

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