PhD In Jagdalpur News: जगदलपुर। बस्तर नगर पंचायत निवासी दो व्याख्याता बहनों लता व रीता शुक्ला ने कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर से एक साथ शिक्षा के क्षेत्र में पीएचडी की उपाधि हासिल कर अंचल का मान बढ़ाया है। नगर में पहली दफा किसी ने डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। दोनों बहनों ने यह उपलब्धि अपने मार्गदर्शक प्राध्यापक व परिवार को समर्पित किया है। पिता स्व हृदय नारायण शुक्ला उर्फ मन्‍नूलाल शुक्ला व माता सावित्री शुक्ला की सुपुत्री रीता शुक्ला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बस्तर में व्याख्याता के पद पर पदस्थ हैं। वहीं उनकी बड़ी बहन लता शुक्ला रायपुर शिक्षा महाविद्यालय में सेवारत हैं।

रीता शुक्ला ने शिक्षा विषय के अंतर्गत बस्तर जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं की शिक्षण अभिवृत्ति एवं व्यावसायिक संतुष्टि का विश्लेषणात्मक अध्ययन पर शोध कार्य किया। उन्होंने अंचल के दर्जन भर से अधिक स्कूलों के टीचर्स से प्रश्नावली पर आधारित चर्चा उपरांत अपना रिसर्च पूरा किया। उन्होंने डा देवेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में शोध पूरा किया।

रीता ने अध्यापन में नवीन शिक्षण पद्धति का उपयोग कर शिक्षा में गुणवत्ता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कार्यकाल में शाला का परीक्षा परिणाम श्रेष्ठतम रहा है। उनकी सेवाओं के लिए हाल ही में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से भी नवाजा गया है।

थर्ड जेंडर्स की दयनीय दशा ने शोध के लिए किया प्रेरित

रीता की बड़ी बहन लता मिश्रा (शुक्ला) ने अध्यापन काल के दौरान राजधानी व राज्य के अन्य जगहों पर थर्ड जेंडर बच्चों के दयनीय हालत को करीब से देखा। लिहाजा उन्होंने अपने रिसर्च के लिए तृतीय लिंग समुदाय की शैक्षिक स्थिति एवं शासकीय नीतियों के प्रति उनकी जागरूकता विषय चुना। उन्होंने भी डा देवेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में शोधकार्य पूर्ण किया। लता ने अपने रिसर्च के जरिए स्पष्ट किया है कि थर्ड जेंडर बच्चा किस तरह सभ्य समाज में मानसिक और शारीरिक शोषण का शिकार होता है।

70 फीसद बच्चे प्राइमरी में ही छोड़ देते हैं स्कूल

वहीं 70 फीसद इस समुदाय के बच्चे प्रायमरी स्कूल से ही प्रताड़ना के चलते पढ़ाई छोड़ देते हैं। उन्हें ताउम्र समाज की जिल्लत झेलनी पड़ती है। उनके रिसर्च में इस बात का भी रेखाकंन किया गया है कि सुप्रीर्म कोर्ट ने न केवल थर्ड जेंडर समुदाय को कानूनी मान्यता देने का आदेश दिया है, वरन शासकीय सेवाओं में उनके लिए आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उनका आर्थिक स्तर सुधारने भी सरकार को उचित प्रयास करने कहा गया है। इसके बावजूद पर्याप्त रूप से जमीनी धरातल पर इसका क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।

चार भाई-बहन शिक्षा को समर्पित

लता व रीता समेत चार भाई बहन शिक्षा को ही समर्पित हैं। उनके बड़े भाई रमेश शुक्ला व छोटे देवेश शुक्ला भी व्याख्याता के पद पर पदस्थ हैं। उनके द्वारा लंबे समय तक बस्तर के अंदरूनी गांवों में अध्यापन कार्य किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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