जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संजय गांधी वार्ड की पार्षद कोमल सेना के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास के आवंटन के नाम पर 40 लोगों से 25 -25 हजार की उगाही का मामला और गरमा रहा है। भाजपा ने इसे अब प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। मालूम हो भाजपा ने मामले के पीड़ितों को लेकर शपथपत्र जारी किया था। इसके बावजूद जब सात दिनों तक पुलिस की ओर से किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी थाने के समक्ष प्रदर्शन करने उतर गई। इस प्रदर्शन के दूसरे दिन भाजपा के प्रदेश स्तर के नेताओं ने भी धरने को समर्थन दिया। भाजपा का आरोप है कि सत्ताधारी कांग्रेस अपनी पार्षद को बचाने के लिए उन्हें संरक्षण दे रही है और पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बना रही है। धरने के दूसरे दिन भाजपा के सदस्यों ने 36 पीड़ितों के बयान दर्ज करवाए। बावजूद इसके पुलिस एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं दिखी। पुलिस अभी भी मामले की जांच में लगी है।

इधर भाजपा पीड़ितों को अधिकार मिल सके इसके लिए विपक्ष की भूमिका में है। थाने के सामने भाजपा के सभी सदस्य व पदाधिकारी पार्षद कोमल सेना के खिलाफ एफआईआर करने और गरीबों से लिए गए पैसे की बंदरबाट से जुड़े तार को उजागर करने में लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष संजय पांडेय ने बताया कि यदि विरोध के बावजूद शासन प्रशासन उचित कार्रवाई करने को बाध्य नहीं होता है तो आने वाले समय में इस आंदोलन को उग्र रूप प्रदान किया जाएगा। धरना प्रदर्शन के दौरान प्रमुख तौर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री किरण देव, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ,भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता सहित अन्य शामिल थे।

कांग्रेस के दबाव में काम कर रही पुलिस : केदार

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने इस मामले को लेकर कहा है कि जिस प्रकरण में पुलिस को एक घंटे में कार्रवाई करनी चाहिए थी उसमें सात दिन से एफआईआर करने में सक्षम नहीं हो सकी है। इससे यह साफ है कि पुलिस सत्ताधारी कांग्रेस के दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी डर है कि मामला उजागर होने से कहीं उनका नाम सामने न आ जाए। शासन की मिलीभगत से चलने वाले इस खेल को भाजपा उजागर करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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