जगदलपुर। संविधान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में संभागायुक्त कार्यालय, कलेक्टोरेट से लेकर जिला एवं विकासखंड स्तरीय दफ्तरों, स्कूलों में विभिन्ना आयोजन किए गए। अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, राजनीतिक दलों व सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने संविधान दिवस पर संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) का वाचन किया। संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य करने की शपथ भी ली गई।

इस मौके पर विचार गोष्ठी का आयोजन कर संविधान के बारे में चर्चा की गई। संभागायुक्त जीआर चुरेंद्र और कलेक्टर रजत बंसल ने अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ उद्देशिका का वाचन किया। अधिकारियों-कर्मचारियों को संविधान की मूल भावना के अनुसार जनहित के कार्यो को करने का संकल्प दिलाया। संविधान दिवस पर कार्यक्रम को लेकर स्कूलों में विशेष रूप से तैयारियां की गई थी। विद्यार्थियों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह नजर आया।

डीईओ भारती प्रधान ने बताया कि जिले के तीन हजार शासकीय और अशासकीय स्कूलों में एक साथ एक ही समय पर संविधान की उद्देशिका पढ़ी गई। इसके लिए राज्य शासन द्वारा भेजी गई उद्देशिका से संबंधित लघु पुस्तिकाएं स्कूलों को उपलब्ध कराई गई थी।

संविधान के अनुसार आचरण हर नागरिक का कर्तव्यः रेखचंद

जगदलपुर। संविधान दिवस पर शुक्रवार को अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक संयुक्त मोर्चा (बस्तर संभाग) द्वारा शहर के अवंतिका कालोनी स्थित पार्क में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि संविधान हमें आजाद नागरिक भावना का बोध कराता है। संविधान के अनुसार आचरण करना हर नागरिक का कत्वर्य है।

संविधान नागरिक समाज का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसकी पवित्रता बनाए रखने की जिम्मेदारी देशवासियों की है। जैन ने कहा कि हमें यदि संविधान ने मौलिक अधिकार दिए हैं तो मौलिक कत्वर्यों का पाठ भी पढ़ाया है। अभिव्यक्ति की आजादी दी है तो आचरण की सीमाएं भी तय की हैं। देश की आजादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण काम हमारे महापुरूषों ने दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान तैयार कर सौपा है। इसका पालन करना हम सबका परम उद्देश्य होना चाहिए।

संविधान दिवस संविधान तैयार करने वाली संविधान सभा और डा भीमराव अम्बेडकर के योगदान को याद करने का है। संगोष्ठी में संयुक्त मोर्चा के संयोजक व्हीपी सोरी व सोमनराम बघेल, वसीम अहमद, राम साहू, भूपेंद्र कोरा, रशीद पवार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई और संविधान के अनुरूप आचरण करने का संकल्प भी लिया गया।

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संविधान निर्माता अंबेडकर की सोच से ही देश में एकता और अखंडता : शर्मा

जगदलपुर। भारत विश्व का महानतम कार्यशील लोकतंत्र है ऐसा ना केवल इसके विशाल, आकार, अपितु इसके बहुलतावादी स्वरूप और समय की कसौटी पर खरा उतरने के कारण है । लोकतांत्रिक परंपराओं और सिद्धांत भारतीय सभ्यता के अभिन्ना अंग है तथा लोकतंत्र की जडतें हमारी राजनीतिक चेतना में गहराई तक समाई हुई है। उक्त बातें शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव शर्मा ने अंबेडकर वार्ड में संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना के अवसर पर पधारे लोगों के समक्ष कही। संसदीय सचिव व विधायक रेखचन्द जैन ने संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर को नमन कर कहा कि 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है । यह कई देशों की नीतियों का समावेश है। इसमें देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों, सरकार की भूमिका, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शक्तियों का वर्णन किया गया है । महापौर सफीरा साहू, सभापति कविता साहू ने भी संविधान निर्माता को याद कर उन्हें नमन किया और बताया कि उन्हीं के बनाया हुआ संविधान कई देशों को आईना दिखा रहा है।

इस दौरान समाज प्रमुख तिरुपति झाड़ी, बीआर मोरला, बीएन दूधी, केशव जुमार्ग, पार्षद अनिता नाग, कोमल सेना, बी ललिता राव, कमलेश पाठक, जिला महामंत्री अनवर खान, कैलाश नाग, शहना बेगम, अंजना नाग, पापिया गाईन, नीला, महेश द्विवेदी, वेंकट राव, नन्दू साहू, राजेन्द्र हाबिल, मनसिंग, अनिता दूधी, सोनमती बघेल, सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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